सुसाइड नोट में छलका दर्द, फुफेरे भाई को ठहराया मौत का जिम्मेदार

लखनऊ के पारा इलाके में रह रही बीए प्रथम वर्ष की एक छात्रा की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। छात्रा ने 25 दिसंबर को हरदोई स्थित अपने पैतृक गांव में जहरीला पदार्थ खा लिया था। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतका मूल रूप से हरदोई जिले की रहने वाली थी और परिवार के साथ पारा इलाके में रहती थी। पिता सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह गांव के एक निजी डिग्री कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रही थी। 15 दिसंबर को पिता पत्नी और दो बेटों के साथ गांव चले गए थे, जबकि छात्रा लखनऊ में नानी के साथ रह रही थी। परिजनों के मुताबिक, परिवार के घर में एक रिश्तेदार—फुफेरे भाई—पिछले करीब छह वर्षों से रह रहा था और ई-रिक्शा चलाता था। 18 दिसंबर को छात्रा अचानक गांव पहुंची, लेकिन पूछने पर उसने कोई कारण नहीं बताया। इसके बाद 25 दिसंबर की शाम उसने जहरीला पदार्थ खा लिया।
मोबाइल में मिला सुसाइड नोट, सामने आया आरोप
छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने उसका मोबाइल फोन देखा, जिसमें सुसाइड नोट की तस्वीर मिली। इसके अलावा, कपड़ों से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। नोट में छात्रा ने अपने फुफेरे भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। उसने यह भी लिखा कि विरोध करने पर आरोपी ने उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। छात्रा ने स्पष्ट किया कि उसकी मौत के लिए उसके माता-पिता या परिवार जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि आरोपी रिश्तेदार ही इसका कारण है और उसे सजा मिलनी चाहिए। इस मामले में डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को है, लेकिन अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
परिवार का आरोप—भरोसे को तोड़ा
मृतका के पिता का कहना है कि जिस रिश्तेदार को उन्होंने सहारे के लिए घर में जगह दी, उसी ने बेटी का जीवन तबाह कर दिया। घटना के बाद से आरोपी फरार है और उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होते ही आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।


