लखनऊ । एक संवेदनशील मामले में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। महिला रेजिडेंट डॉक्टर पर धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोपों में घिरे रेजिडेंट डॉक्टर रमीज को विश्वविद्यालय ने निलंबित कर दिया है। कॉलेज प्रशासन द्वारा बुलाए जाने पर डॉक्टर रमीज मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। उनका कहना था कि महिला डॉक्टर के साथ उनकी दोस्ती पूरी तरह आपसी सहमति से थी और उस पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया। डॉक्टर रमीज ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी अभी शादी नहीं हुई है। हालांकि, प्रशासन ने उनसे इस संबंध में एक एफिडेविट मांगा, जिसे वह प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद विश्वविद्यालय ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
क्या है मामला?
यह मामला हाल ही में तब चर्चा में आया, जब केजीएमयू की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने ही संस्थान के एक पुरुष रेजिडेंट डॉक्टर पर धर्मांतरण का दबाव डालने का गंभीर आरोप लगाया। महिला डॉक्टर के पिता ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और महिला आयोग से की थी। पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और केजीएमयू में एमडी की पढ़ाई कर रही है। परिवार का आरोप है कि जून 2025 में महिला डॉक्टर की अपने विभाग के एक रेजिडेंट डॉक्टर से दोस्ती हुई, जो दूसरे धर्म से ताल्लुक रखता है। जब महिला डॉक्टर ने शादी की बात रखी, तो उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। परिवार का दावा है कि जब महिला डॉक्टर ने धर्मांतरण से इनकार किया, तो आरोपी डॉक्टर ने शादी से मना कर दिया। इस घटनाक्रम से मानसिक रूप से आहत होकर महिला डॉक्टर ने आत्महत्या की कोशिश भी की। मामला सामने आने के बाद यह काफी समय तक सुर्खियों में रहा।


