प्रियांशी मर्डर केस: शादी का दबाव न मानने पर आलोक ने उतारा मौत के घाट

लखनऊ के धर्मावतखेड़ा गांव में बीएससी छात्रा प्रियांशी की दिनदहाड़े घर में घुसकर की गई हत्या के पीछे आरोपी आलोक रावत का हक जताने वाला रवैया और शक की बीमारी असली वजह बनकर सामने आई है। प्रियांशी की मां पूनम के मुताबिक, रिश्ता तय होने के बाद से ही आलोक पति जैसा अधिकार जताने लगा था और हर बात पर शक कर मारपीट तक करने लगा था।
एसीपी मोहनलालगंज विकास पांडेय ने बताया कि आलोक के गुस्सैल स्वभाव और शक की आदत से परेशान होकर ही मां-बेटी ने रिश्ता तोड़ दिया था। प्रियांशी ने उससे मिलना-जुलना बंद कर दिया था, जिससे वह और ज्यादा उग्र हो गया था। पुलिस को शक है कि रविवार को वह पूरी तैयारी के साथ हत्या का इरादा लेकर ही घर पहुंचा था। उसके पास मिला थर्माकोल कटर भी इसी योजना का हिस्सा लगता है।
गांव के लोगों ने बताया कि आलोक का प्रियांशी के घर आना-जाना कई लोगों को खटकता था, और उसका विरोध भी किया जाता था। वारदात के बाद घर में फैला खून देखकर हर कोई दहशत में था।
पूनम ने अपनी तहरीर में बताया कि रिश्ते से इनकार करने के बाद से ही आलोक लगातार प्रियांशी और परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहा था। उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह इतनी हद तक जा सकता है।
शव उठाने को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। ग्रामीणों ने पहले आरोपी की गिरफ्तारी की मांग रखी। आधे घंटे की बहस के बाद पुलिस के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
फॉरेंसिक टीम को मौके से खून लगा कटर मिला है। आरोपी आलोक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पूरा मामला
पूनम रावत की बड़ी बेटी प्रियांशी (19) और छोटी बेटी महक रविवार दोपहर घर पर थीं। करीब 12:30 बजे बीबीडी लोनापुर निवासी आलोक उनके घर पहुंचा और महक से प्रियांशी के बारे में पूछकर पहली मंजिल पर चला गया। वहीं किचन में दोनों के बीच बहस हुई और अचानक उसने कटर से प्रियांशी की गर्दन पर कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल प्रियांशी चीखते हुए नीचे बरामदे तक पहुंची और वहीं उसकी मौत हो गई। आरोपी मौके से फरार हो गया।


