उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर 15 जनवरी को राज्यभर में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से जारी किया गया है। इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज और राज्य संचालित संस्थान इस दिन बंद रहेंगे। सरकारी आदेश के अनुसार यह अवकाश सभी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों पर लागू होगा। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी के बजाय 15 जनवरी को मनाया जा रहा है, इसी कारण अवकाश की तिथि में बदलाव किया गया है।
मकर संक्रांति के चलते उत्तर प्रदेश के प्रमुख गंगा घाटों—प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, उन्नाव, मेरठ और बिजनौर—में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। बड़ी संख्या में भक्त गंगा, सरयू सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करेंगे। इसी तरह उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे उत्तरायण की शुरुआत माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सूर्य की पूजा करने से त्रिदेवों की उपासना का फल प्राप्त होता है।
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाता है और विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, सगाई जैसे सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी (रविवार) को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को सभी ग्रहों का अधिपति माना गया है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की आराधना करने से ज्ञान, यश, सम्मान, विद्वता और आर्थिक समृद्धि की प्राप्ति होती है, साथ ही ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलती है।


