पंकज चौधरी का संकेत: योगी के साथ कदम-से-कदम, 2027 की जंग एकजुट भाजपा लड़ेगी
राजनीति में कई बार शब्दों से ज्यादा असर संकेत और व्यवहार छोड़ जाते हैं। भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालने के बाद पंकज चौधरी ने गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श कर उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया, जिनमें सरकार और संगठन के बीच मतभेद की चर्चा होती रही है। यह कदम केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी था।
चौधरी ने यह दिखाने की कोशिश की कि प्रदेश में भाजपा सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर जो सवाल उठाए जाते रहे हैं, वे निराधार हैं। उनके इस व्यवहार से साफ झलकता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी अब पूरी एकजुटता के साथ आगे बढ़ने की रणनीति बना रही है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान जब नए प्रदेश अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा हुई, उसी मंच से सरकार और संगठन के बीच नए तालमेल की नींव भी रखी गई। इस मौके पर यह संकेत भी मिला कि अतीत की खटास को पीछे छोड़कर भाजपा अब भविष्य की चुनौतियों पर फोकस कर रही है।
पंकज चौधरी ने न सिर्फ मुख्यमंत्री बल्कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता डॉ. रमापति राम त्रिपाठी के भी चरण स्पर्श किए। हालांकि, मुख्यमंत्री के प्रति उनका सम्मान राजनीतिक दृष्टि से ज्यादा अहम माना गया। इससे यह संदेश गया कि पार्टी नेतृत्व योगी आदित्यनाथ की भूमिका और उनकी लोकप्रिय छवि को 2027 के चुनाव में निर्णायक मानता है।
मुख्यमंत्री योगी की प्रतिक्रिया और पंकज चौधरी की कार्यशैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि सत्ता और संगठन अब अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साझा सोच और सामूहिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेंगे। संगठन सरकार के कार्यों में सहयोगी की भूमिका निभाएगा, वहीं कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। योगी और चौधरी की इस नई केमिस्ट्री ने उन लोगों को साफ संदेश दे दिया है, जो दोनों के बीच किसी तरह की दूरी तलाश रहे थे। भाजपा ने यह संकेत दे दिया है कि आगामी चुनावों में पार्टी नेतृत्व एकजुट होकर मैदान में उतरेगा और विपक्ष को कड़ी चुनौती देगा।


