भारत और इंग्लैंड के बीच अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर जबरदस्त रोमांच की उम्मीद थी, लेकिन मैदान पर तस्वीर पूरी तरह एकतरफा रही। भारतीय टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को हर विभाग में पछाड़ा और शानदार अंदाज में खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में भारत ने 100 रनों की बड़ी जीत दर्ज की।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया
फाइनल मैच में भारतीय कप्तान आयुष ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। हालांकि शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। वैभव सूर्यवंशी शुरुआत में संभलकर खेल रहे थे, जबकि एरॉन जार्ज केवल 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान आयुष क्रीज पर आए और वैभव के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने धीरे-धीरे रन गति बढ़ाई और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
आयुष का अर्धशतक, वैभव का विस्फोटक शतक
कप्तान आयुष ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 51 गेंदों पर 53 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद भी वैभव सूर्यवंशी का तूफान नहीं थमा। उन्होंने महज 55 गेंदों में शतक जड़ दिया और इसके बाद भी रन बरसाते रहे। मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाते हुए वैभव लगातार नए रिकॉर्ड बनाते नजर आए।
175 रनों की ऐतिहासिक पारी
इंग्लैंड को तब थोड़ी राहत मिली जब वैभव 175 रन बनाकर आउट हुए। लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे। अन्य भारतीय बल्लेबाजों ने भी अंत के ओवरों में तेजी से रन जोड़ते हुए टीम का स्कोर 400 के पार पहुंचा दिया। भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 411 रन बनाए।
इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाई
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले तीन ओवरों में सिर्फ दो रन बने और विकेट लगातार गिरते रहे। कुछ बल्लेबाजों ने छोटी-मोटी साझेदारियां कीं, लेकिन वे मैच का रुख बदलने में नाकाम रहे।
छठी बार चैंपियन बना भारत
इंग्लैंड की पूरी टीम 50 ओवर पूरे होने से पहले ही 311 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने 100 रनों से मुकाबला जीतकर अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। खास बात यह रही कि भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। यह भारत का छठा अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब है, जो देश की मजबूत युवा क्रिकेट प्रणाली को दर्शाता है।


