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बैठक से गायब रहे सिंचाई विभाग के अभियंता, डॉ. मंजू भदौरिया ने लगाई फटकार

अधिशासी अभियंता की गैरहाजिरी से फतेहाबाद की सिंचाई बैठक रद्द, जिला पंचायत अध्यक्ष ने मांगी कार्रवाई

फतेहाबाद — जिला स्तर पर आयोजित होने वाली सिंचाई बंधु की बैठक अधिशासी अभियंता लोअर खंड आगरा की अनुपस्थिति के कारण रद्द करनी पड़ी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया को करनी थी, लेकिन मुख्य अधिकारी की गैरमौजूदगी से यह संभव नहीं हो सका।

बैठक में जिले की सिंचाई परियोजनाओं और नहरों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जानी थी। अधिशासी अभियंता नीरज कुमार के अनुपस्थित रहने से न केवल बैठक स्थगित हुई, बल्कि कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी निर्णय नहीं हो पाया। इस पर नाराजगी जताते हुए डॉ. भदौरिया ने मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग (नई दिल्ली) को पत्र भेजकर नीरज कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

बैठक स्थगित होने के बाद अधिकारियों ने मौके पर जाकर माइनर श्यामो (किमी 0 से 8.800) का निरीक्षण किया। इस दौरान सहायक अभियंता द्वितीय स्पर्श अग्रवाल और चंचल गुप्ता मौजूद रहे। निरीक्षण में सामने आया कि नहर की सफाई का कार्य जेसीबी मशीन से तो किया जा रहा है, लेकिन निकाली गई घास-फूस और मिट्टी को ठीक से हटाया नहीं गया, जिससे वह दोबारा नहर में जाने की स्थिति में है।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि माइनर श्यामो की पटरी पर करंजा कार्य, जिसका टेंडर और कार्यादेश पहले ही स्वीकृत हो चुका है, अब तक शुरू नहीं हुआ। वहीं, दिगनेर टर्मिनल (63 किमी) का कार्य भी अधूरा पाया गया। स्थानीय किसानों ने बताया कि गांव दिगनेर की लगभग 50 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई अभी शुरू नहीं हो पाई है, जिससे आलू की फसल पर खतरा मंडरा रहा है।

अपने पत्र में डॉ. भदौरिया ने लिखा है कि नीरज कुमार ने 18 जून 2025 को पदभार ग्रहण किया, लेकिन छह महीनों में केवल एक बैठक में ही हिस्सा लिया और उस बैठक में दिए गए निर्देशों का भी पालन नहीं किया। उन्होंने लगातार अन्य बैठकों से दूरी बनाए रखी, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित हुए।

डॉ. भदौरिया ने कहा कि यह रवैया “सेवा भावना और प्रशासनिक जिम्मेदारी के प्रति उदासीनता” को दर्शाता है। उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो और जिले की सिंचाई परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

“किसानों के हितों और विभागीय जवाबदेही को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऐसी गैर-जिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” — डॉ. मंजू भदौरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष, फतेहाबाद

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