यौन शोषण की कोशिश के बाद हत्या, आग लगाकर बनाया हादसा
बेंगलुरु से सामने आई महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस घटना को पहले आग लगने से हुई दुर्घटना माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पड़ोस में रहने वाले 18 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना बेंगलुरु ईस्ट के सुब्रमण्यमपुरा इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट की है। 3 जनवरी की रात करीब 10:15 बजे पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना मिली कि अपार्टमेंट के एक फ्लैट में आग लगी है। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन फ्लैट में रहने वाली 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर डी.के. शर्मिला की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। शुरुआत में पुलिस को शक था कि यह आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। इसी आधार पर अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया।
पोस्टमार्टम से बदली जांच की दिशा
जांच के दौरान फॉरेंसिक टीम को फ्लैट में किसी भी तरह की बिजली संबंधी खराबी के सबूत नहीं मिले। इसके बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो मामला पूरी तरह पलट गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि शर्मिला की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी।
आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस?
पुलिस ने तकनीकी सबूतों और कॉल डिटेल्स की मदद से जांच आगे बढ़ाई, जिसके बाद शक मृतका के पड़ोसी 18 वर्षीय करनाल कुरई पर गया। पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी का कबूलनामा
पुलिस के अनुसार, 3 जनवरी की रात करीब 9 बजे करनाल कुरई स्लाइडिंग खिड़की के जरिए शर्मिला के फ्लैट में घुसा। उसने कथित तौर पर महिला से जबरन संबंध बनाने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने शर्मिला का मुंह और नाक दबाकर उसका गला घोंट दिया, जिससे वह बेहोश हो गई और उसकी मौत हो गई।
सबूत मिटाने के लिए लगाई आग
हत्या के बाद आरोपी ने अपराध को हादसा दिखाने के इरादे से बेडरूम में कपड़े और अन्य सामान इकट्ठा कर आग लगा दी। इसके बाद वह शर्मिला का मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई
करनाल कुरई कर्नाटक के विराजपेट का रहने वाला है और बेंगलुरु में अपनी सिंगल मदर के साथ रहता था। वह PUC का छात्र है। पुलिस ने उसे शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 64(2), 66 और 238 के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।


