कमरे में लटका मिला शव, पोस्टमार्टम ने खोला हत्या का राज
बरेली में आईवीआरआई में कार्यरत संविदाकर्मी जितेंद्र यादव की संदिग्ध हालात में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कमरे में शव फंदे से लटका मिलने पर शुरुआत में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर दी। रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस जांच अब हत्या की दिशा में आगे बढ़ गई है। मृतक के भाई अजय कुमार, जो इटावा के थाना ऊसरहार क्षेत्र के गांव भाऊपुरा के रहने वाले हैं, ने इज्जतनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका 33 वर्षीय भाई जितेंद्र बरेली में किराये के कमरे में रहकर काम करता था।
प्रेम विवाह के दो महीने बाद मौत, संपत्ति बना विवाद की जड़
परिजनों का आरोप है कि दुर्गानगर कॉलोनी निवासी ज्योति प्रजापति ने जितेंद्र को प्रेम संबंध में फंसाकर दो महीने पहले विवाह किया। शादी के बाद दोनों इज्जतनगर के कैलाशपुरम में रहने लगे। आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद ज्योति और उसके मायके पक्ष ने जितेंद्र पर पुश्तैनी जमीन बेचकर मकान और कार खरीदने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।जितेंद्र ने साफ तौर पर जमीन बेचने से इनकार किया था और इस बात की शिकायत अपनी मां और भाई से भी की थी। परिजनों का कहना है कि उसने किसी अनहोनी की आशंका भी जताई थी।
झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप
अजय कुमार के अनुसार, जब जितेंद्र ने विरोध किया तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पत्नी द्वारा दहेज के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने की बात भी सामने आई है। परिवार ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात नहीं सुधरे। 26 जनवरी को परिजनों को सूचना मिली कि जितेंद्र का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला है। उस समय सभी को यही लगा कि वह घरेलू तनाव से परेशान होकर आत्महत्या कर बैठा है, जिसके बाद पत्नी और उसके परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया गया।
पोस्टमार्टम से खुला राज, हत्या की धाराएं जोड़ी गईं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होते ही पुलिस और परिवार दोनों हैरान रह गए। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर केस में हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस अब पत्नी ज्योति से गहन पूछताछ कर रही है और उसके परिवार वालों को भी तलब किया गया है।
अंतरजातीय विवाह भी जांच के दायरे में
जांच में यह भी सामने आया है कि जितेंद्र और ज्योति एक-दूसरे को करीब सात साल से जानते थे। अंतरजातीय विवाह को लेकर ज्योति के परिवार की नाराजगी की बात भी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि पहले जितेंद्र की हत्या की गई और फिर शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।


