बरेली में 26 सितंबर को हुए शहरव्यापी बवाल से जुड़े मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी बताए जा रहे प्रॉपर्टी डीलर वाहिद बेग के बरातघर पर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने बुलडोजर चलाया। सुबह करीब 11:30 बजे बीडीए की पोकलेन मशीन और दो बुलडोजर मौके पर पहुंचे और इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदापुर चौधरी गांव स्थित बरातघर को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने विरोध का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल के चलते प्रदर्शन प्रभावी नहीं हो सका और तोड़फोड़ जारी रही।

बिना नक्शा स्वीकृति के हुआ था निर्माण
बीडीए का कहना है कि वाहिद बेग ने लगभग 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के बरातघर का निर्माण कराया था। इस मामले में छह अक्तूबर को नोटिस जारी कर उसी दिन भवन को सील कर दिया गया था। इसके बाद 18 अक्तूबर को सुनवाई की तारीख तय की गई, लेकिन वाहिद बेग उपस्थित नहीं हुए।
सुनवाई में नहीं हुए पेश
बाद में 11 नवंबर को वाहिद बेग की ओर से उनके भाई आविद बेग बीडीए के समक्ष पेश हुए और शासन में दायर पुनरीक्षण याचिका से जुड़ा एक आदेश प्रस्तुत किया। इसमें विशेष सचिव द्वारा सुनवाई का अवसर देने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
सभी प्रक्रियाओं के बाद गिराया गया बरातघर
बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बताया कि विशेष सचिव के आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरणों के लिए लागू मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि और मॉडल जोनिंग रेगुलेशन्स 2025 के तहत पूरे प्रकरण की जांच की गई। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
बवाल की साजिश का आरोप
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि 26 सितंबर को शहर में हुए बवाल की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि फरीदापुर चौधरी स्थित इसी बरातघर में एक बैठक हुई थी, जहां कथित तौर पर साजिश रची गई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बरातघर को गिराने की कार्रवाई पूरी तरह बीडीए के नियमों के तहत की जा रही है। फिलहाल, इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


