मासूम की हत्या से कांपा बरगढ़, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

चित्रकूट के बरगढ़ कस्बे में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को गहरे शोक और आक्रोश में डुबो दिया है। कपड़ा व्यापारी के 13 वर्षीय बेटे आयुष के अपहरण के बाद की गई नृशंस हत्या से हर कोई स्तब्ध है। शनिवार को जब मासूम आयुष की अंतिम यात्रा निकली, तो पूरा कस्बा गमगीन हो उठा। सैकड़ों लोग नम आंखों से उसे अंतिम विदाई देने पहुंचे।
अर्थी उठते ही माहौल करुण हो गया। मां आरती बेटे की हालत देखकर बेसुध हो गईं और बार-बार यही सवाल करती रहीं कि उनके निर्दोष बेटे ने आखिर किसी का क्या बिगाड़ा था। पिता अशोक केसरवानी खुद को संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन बेटे का शव देखकर उनका धैर्य भी टूट गया। इस जघन्य अपराध के विरोध में बरगढ़ के व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। आमतौर पर चहल-पहल से भरा रहने वाला बाजार पूरी तरह सुनसान रहा। हर तरफ शोक और गुस्से का माहौल दिखा। अंतिम संस्कार में ग्रामीणों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

जांच में सामने आया कि गुरुवार शाम आयुष का अपहरण किया गया था और बाद में रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने शव को अपने ही घर के शौचालय में दफना दिया और परिवार को गुमराह करने के लिए 40 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी। बताया जा रहा है कि इस वारदात की वजह किराए के मकान को लेकर चल रहा विवाद था। mपुलिस और प्रयागराज एसटीएफ ने सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस के आधार पर मुख्य आरोपियों इरफान और कल्लू उर्फ साहबे आलम को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, जंगल में बरामदगी के दौरान भागने की कोशिश में आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में कल्लू मारा गया, जबकि इरफान घायल हो गया।
शनिवार को कल्लू का पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान उसके पिता मकसूद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, लेकिन मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। लोग लगातार यही मांग कर रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई और मासूम ऐसी क्रूरता का शिकार न बने।


