रंजिश ने ली एक और जान, मैनपुरी में किशोर की हत्या से दहशत
पुरानी दुश्मनी का खूनी अंत, खेत में चराते समय मारा गया शिवा

मैनपुरी जिले के दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव जरामई में शुक्रवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। महज 16 साल का निर्दोष शिवा आपसी रंजिश की भेंट चढ़ गया। शिवा पर उस परिवार से दुश्मनी का साया था, जिस पर गांव के युवक लवकुश की हत्या का आरोप लगाया गया था। उसी पुरानी रंजिश ने अब एक और जिंदगी छीन ली। बताया जा रहा है कि 17 जनवरी 2025 को लवकुश अचानक लापता हो गया था। दो दिन बाद उसका शव मैनपुरी-सिरसागंज रोड पर रामनगर नहर पुल के पास मिला था। इस मामले में शिवा के परिवार के सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से चार लोग इस समय जमानत पर बाहर हैं, जबकि तीन अभी जेल में बंद हैं। इसी प्रकरण को लेकर दोनों परिवारों के बीच तनातनी लगातार बनी हुई थी, जिसने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया।
अदालत गए थे परिजन, पीछे रह गया शिवा
घटना के वक्त शिवा के अधिकतर परिजन लवकुश हत्याकांड में तारीख पर दीवानी न्यायालय गए हुए थे। शिवा के बड़े भाई शिवम, मां बबली, ताऊ रामकिशोर समेत अन्य रिश्तेदार अदालत में मौजूद थे। गांव में केवल शिवा रह गया था, जो रोज की तरह पशुओं को चराने निकला था। उसी दौरान उस पर हमला कर दिया गया। आसपास मौजूद लोग डर के मारे मौके से भाग खड़े हुए और कोई भी उसे बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। परिजनों को फोन पर सूचना मिली, जिसके बाद वे बदहवास हालत में गांव पहुंचे।
सातवीं के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई
शिवा महज सातवीं तक पढ़ पाया था। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़कर घर के कामकाज में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। परिवार में उसके अलावा बड़ा भाई और चार बहनें हैं। छोटी उम्र में ही जिम्मेदारियों का बोझ उठाने वाले शिवा की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है।
झूठे आरोप में फंसाने का दावा
मृतक की भाभी शिवांकी ने रोते हुए कहा कि उनके परिवार को लवकुश हत्याकांड में झूठा फंसाया गया था। पहले ही वे मानसिक तनाव झेल रहे थे, ऊपर से अब निर्दोष शिवा की हत्या कर दी गई। उनका कहना है कि बेगुनाह होने के बावजूद परिवार लगातार डर के साए में जी रहा था।
गांव में पसरा सन्नाटा
घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई है। हालात को देखते हुए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर प्रशासन सतर्क है। आरोपियों के घरों पर ताले लटके हुए हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। निर्दोष किशोर की हत्या के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है। बदले की आग ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रंजिश किस तरह मासूम जिंदगियों को निगल रही है।


