प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत कथित नियम उल्लंघन के मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार ये नोटिस 12 नवंबर, 2025 को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान भेजे गए थे, जिसकी जानकारी अब सामने आई है। नोटिस का जवाब लिखित रूप में मांगा गया है और इसके लिए अधिकारियों की व्यक्तिगत पेशी अनिवार्य नहीं बताई गई है।

इस कार्रवाई के दायरे में मुख्यमंत्री विजयन, जो केआईआईएफबी के अध्यक्ष भी हैं, के साथ-साथ बोर्ड के सीईओ के.एम. अब्राहम, उपाध्यक्ष टी. एम. थॉमस इसाक तथा स्वयं केआईआईएफबी को भी शामिल किया गया है।
मामला केआईआईएफबी द्वारा लंदन और सिंगापुर शेयर बाजारों में जारी मसाला बॉन्ड के जरिए जुटाई गई बाहरी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस माध्यम से लगभग 2,672.80 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, जिनका इस्तेमाल राज्य में ढांचागत परियोजनाओं के लिए किया जाना था।
हालाँकि, ईडी का आरोप है कि इस राशि में से करीब 466.91 करोड़ रुपये भूमि खरीद के लिए खर्च किए गए, जबकि भारतीय रिज़र्व बैंक के मास्टर निर्देश और 29 सितंबर 2015 के परिपत्र के तहत ऐसा उपयोग प्रतिबंधित है। एजेंसी ने 1 जून 2018 को आरबीआई द्वारा जारी किए गए पत्र का भी हवाला दिया है, जिसमें इस नियम की फिर से पुष्टि की गई थी।
ईडी ने इस पूरे मामले में औपचारिक शिकायत 27 जून 2025 को दर्ज की थी। जांच पूरी होने के बाद अब न्यायाधिकरण द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम केआईआईएफबी की वित्तीय गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कर्ज जुटाने की प्रक्रिया पर चल रही जांच में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
फिलहाल सभी की निगाहें संबंधित पक्षों के जवाबों और मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


