12 C
Agra
Homeउत्तर प्रदेशफर्जी डिग्री मामले में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, जेएस विश्वविद्यालय होगा...

फर्जी डिग्री मामले में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, जेएस विश्वविद्यालय होगा बंद

योगी कैबिनेट के दो अहम फैसले, शिक्षा व्यवस्था में सख्ती और विस्तार

लखनऊ: योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े दो बड़े और निर्णायक फैसलों पर मुहर लगी। एक ओर सरकार ने नियमों के गंभीर उल्लंघन के चलते जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद को बंद (परिसमापन) करने का निर्णय लिया, वहीं दूसरी ओर आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ को ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस संचालन के लिए प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने की स्वीकृति दी गई।

फर्जी डिग्री प्रकरण में सख्त कदम

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि जांच में सामने आया कि जेएस विश्वविद्यालय ने बीपीएड पाठ्यक्रम में नियमों की अनदेखी करते हुए बैकडेट में फर्जी अंकतालिकाएं और डिग्रियां जारी कीं। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में किया गया। राजस्थान पुलिस की जांच, विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों की गिरफ्तारी और शासन स्तर की जांच रिपोर्टों में गंभीर अनियमितताएं प्रमाणित होने के बाद सरकार ने परिसमापन का फैसला लिया। मंत्री के अनुसार, विश्वविद्यालय ने अधिनियम की कई धाराओं का उल्लंघन किया—जैसे डिग्री प्रदान करने की शक्ति का दुरुपयोग, संगठित रूप से फर्जी डिग्रियों का वितरण, भूमि मानकों का पालन न करना और राज्य उच्च शिक्षा परिषद को आवश्यक जानकारी न देना। परिसमापन के बाद विश्वविद्यालय के सभी अभिलेख डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के संरक्षण में रहेंगे, जिनके आधार पर पूर्व में जारी डिग्रियों/मार्कशीट का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, संक्रमणकाल के लिए धारा 55(6) के तहत त्रि-सदस्यीय अंतरिम समिति गठित की जाएगी।

पश्चिमी यूपी–एनसीआर में शिक्षा का विस्तार

कैबिनेट ने आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा ऑफ-कैंपस के संचालन को भी हरी झंडी दी। इसके लिए प्रायोजक संस्था को एलओपी जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। यह ऑफ-कैंपस शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर में छात्रों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। सरकार ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 और उसके द्वितीय संशोधन अधिनियम, 2021 के तहत ऑफ-कैंपस/दूरस्थ परिसर की व्यवस्था है। इसी क्रम में प्रायोजक संस्था द्वारा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 4.796 एकड़ भूमि चिन्हित की गई थी, जिसके लिए फरवरी 2025 में आशय पत्र (एलओआई) जारी हुआ था। अब एलओपी की स्वीकृति के साथ ऑफ-कैंपस संचालन का रास्ता साफ हो गया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments