किसान हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले नेता थे चरण सिंह

आगरा। भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर प्रगतिशील जाट महासभा द्वारा मंगलवार को ग्वालियर रोड स्थित नगला पदमा के एक फार्म हाउस में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बुजुर्ग किसानों, वीरांगनाओं और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय लोगों को सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की नीतियों और विचारों का ही परिणाम है कि आज देश का किसान सशक्त स्थिति में खड़ा है। उन्होंने बताया कि किसान हितों के लिए वह तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से भी खुलकर मतभेद रखते थे। चकबंदी व्यवस्था के जरिए उन्होंने खेती-किसानी को सरल बनाने का काम किया। उनकी प्राथमिकता हमेशा गरीब और किसान का उत्थान रही।
पूर्व मंत्री उदयभान सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जमीन से जुड़े हुए नेता थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और आज़ादी के बाद किसानों की आवाज बनकर देश की राजनीति में उभरे। किसान हितों के लिए संघर्ष करते हुए वह प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे। उनकी सोच की जड़ें गांव, खेत और खलिहान में थीं। कार्यक्रम में प्रगतिशील जाट महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम फौजदार, कोषाध्यक्ष मोहन सिंह सोलंकी सहित यादराम वर्मा, प्रताप सिंह चाहर, उदयवीर सिंह, राजन सिंह, संजय खिरवार, कुसुम देवी और सावित्री देवी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


