उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से के लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी के मोर्चे पर एक अहम और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से जाम, हादसों और सुस्त यातायात से जूझ रहे यात्रियों को अब जल्द ही बेहतर सुविधा मिलने वाली है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-727बी पर सिकंदरपुर से बलिया तक नई फोरलेन सड़क के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंत्रालय स्तर पर स्वीकृति प्रदान की है।
34 किलोमीटर का सफर होगा आसान
करीब 34 किलोमीटर लंबी यह फोरलेन सड़क चार लेन और दोनों ओर पक्के शोल्डर के साथ विकसित की जाएगी। फिलहाल दो लेन होने की वजह से इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक दबाव रहता है, जिसके चलते यात्रियों को डेढ़ से दो घंटे तक का समय लग जाता है। फोरलेन बनने के बाद न सिर्फ यात्रा समय घटेगा, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी
इस मार्ग को चौड़ा करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। नवलपुर से सिकंदरपुर तक सड़क निर्माण पहले ही प्रगति पर है, लेकिन सिकंदरपुर–बलिया खंड अब तक पिछड़ा हुआ था। इस मुद्दे को सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर ने गंभीरता से उठाया, जिसके बाद मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सर्वे और डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश दिए।
तीन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
फोरलेन सड़क बनने से गोरखपुर, देवरिया और बलिया के बीच सीधा और तेज कनेक्शन स्थापित होगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। स्थानीय आबादी को जाम से राहत देने के लिए खेजुरी, खड़सरा और सुखपुरा क्षेत्रों में बाईपास बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
हालांकि निर्माण कार्य शुरू होने में थोड़ा वक्त लग सकता है, लेकिन मंजूरी मिलते ही इलाके में विकास की उम्मीदें तेज हो गई हैं। जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यह परियोजना न केवल यातायात सुधार करेगी, बल्कि रोजगार, निवेश और समग्र आर्थिक विकास को भी गति देगी।


