ड्रोन विवाद के बाद बढ़ा युद्ध का खतरा, रूस ने बेलारूस में उतारी परमाणु मिसाइलें

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक आवास को निशाना बनाने की कथित ड्रोन साजिश के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं। मॉस्को का आरोप है कि यूक्रेन ने बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की, हालांकि कीव ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
इस घटनाक्रम के तुरंत बाद रूस ने ऐसा कदम उठाया, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ा दी। रूस ने घोषणा की है कि उसने अपने अत्याधुनिक और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम ओरिस्टनिक मिसाइल सिस्टम को बेलारूस में तैनात कर दिया है। बेलारूस, यूक्रेन का पड़ोसी देश है, जिससे यूक्रेन को अब दो दिशाओं से रूसी सैन्य दबाव का सामना करना पड़ सकता है। रूस के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी वीडियो में यह मिसाइल सिस्टम बर्फ से ढके जंगलों के बीच आगे बढ़ता दिखाई देता है। इसके साथ ही पूर्वी बेलारूस के एक एयरबेस पर रूसी सैनिक लड़ाकू विमानों को छलावरण जाल से ढकते और सैन्य तैयारियां करते नजर आए।
बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने बताया कि उनके देश में कुल 10 ओरिस्टनिक मिसाइल सिस्टम तैनात किए जाएंगे। वहीं पुतिन ने अपने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि ये मिसाइल सिस्टम अब पूरी तरह सक्रिय ड्यूटी में आ चुके हैं। उन्होंने यूक्रेन के और क्षेत्रों पर कब्जे के इरादे को भी दोहराया, जिससे युद्ध के और तेज होने के संकेत मिलते हैं। इस पूरे विवाद की जड़ वह दावा है, जिसमें कहा गया कि यूक्रेन ने पुतिन के आवास को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश की थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इन आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है। रूस की ओर से अब तक इस हमले से जुड़े कोई ठोस सबूत भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
इससे पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने चेतावनी दी थी कि यूक्रेन को इस कथित हमले की कीमत चुकानी पड़ेगी और जवाबी कार्रवाई के लिए लक्ष्य पहले से तय हैं। वहीं क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव का कहना है कि सभी ड्रोन मार गिराए गए, इसलिए किसी सबूत का सवाल ही नहीं उठता। ड्रोन के मलबे को लेकर भी उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। कुल मिलाकर, पुतिन के आवास पर कथित ड्रोन हमले के बाद से रूस-यूक्रेन युद्ध और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। बेलारूस में परमाणु क्षमता वाली मिसाइलों की तैनाती ने इस संघर्ष को एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां किसी भी गलत कदम के गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं।


