प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 3 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे नई दिल्ली के राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरावा अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस विशेष प्रदर्शनी का नाम “प्रकाश और कमल: जागृत व्यक्ति के अवशेष” रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि 3 जनवरी इतिहास, संस्कृति और भगवान बुद्ध के विचारों में आस्था रखने वालों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुँचाने की दिशा में एक अहम प्रयास है।
इस भव्य प्रदर्शनी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पिपरावा के वे पवित्र अवशेष प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिन्हें एक सदी से भी अधिक समय बाद भारत वापस लाया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली और भारतीय संग्रहालय, कोलकाता में संरक्षित पिपरावा से संबंधित प्रमाणिक अवशेष और पुरातात्विक सामग्री भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहल न केवल भगवान बुद्ध के महान विचारों को लोकप्रिय बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि युवाओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इन अवशेषों की वापसी में योगदान देने वाले सभी लोगों की सराहना भी की।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, 1898 में खोजे गए पिपरावा अवशेष प्रारंभिक बौद्ध इतिहास के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ये अवशेष भगवान बुद्ध से सीधे जुड़े सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक साक्ष्यों में शामिल हैं। पुरातात्विक प्रमाण पिपरावा स्थल को प्राचीन कपिलवस्तु से जोड़ते हैं, जिसे भगवान बुद्ध के प्रारंभिक जीवन का स्थान माना जाता है।


