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पालघर में पहली पहाड़ी सुरंग का ब्रेकथ्रू, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पार किया बड़ा पड़ाव

आधुनिक भारत की रफ्तार: पालघर में बुलेट ट्रेन सुरंग का सफल ब्रेकथ्रू

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना ने एक और अहम पड़ाव पार कर लिया है। मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत महाराष्ट्र के पालघर जिले में पहली पहाड़ी सुरंग का सफल ब्रेकथ्रू पूरा कर लिया गया है। इस उपलब्धि को परियोजना की सबसे कठिन इंजीनियरिंग चुनौतियों में से एक माना जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रगति की जानकारी साझा करते हुए इसे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए “मील का पत्थर” बताया।

सबसे लंबी पहाड़ी सुरंग: MT-5

यह सुरंग माउंटेन टनल-5 (MT-5) के नाम से जानी जाती है और लगभग 1.48 किलोमीटर लंबी है। यह पूरे प्रोजेक्ट में बनने वाली सात पहाड़ी सुरंगों में सबसे लंबी है और सबसे पहले पूरी होने वाली भी। कठोर चट्टानों और जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों के बावजूद इस सुरंग का सफल निर्माण महाराष्ट्र सेक्शन में काम को नई गति देगा।

सुरंगों का नेटवर्क और परियोजना का दायरा

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है।
इसमें से लगभग 27.4 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा—

  • 21 किलोमीटर भूमिगत सुरंग
  • 6.4 किलोमीटर सतही सुरंग
  • परियोजना में कुल 8 पहाड़ी सुरंगें प्रस्तावित हैं, जिनमें से 7 महाराष्ट्र और 1 गुजरात में बनाई जा रही है।

तकनीक और सुरक्षा की बड़ी परीक्षा

इससे पहले सितंबर 2025 में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स से ठाणे के बीच लगभग 5 किलोमीटर लंबी पहली अंडरग्राउंड सुरंग पूरी की जा चुकी है।
पालघर की पहाड़ी सुरंग तकनीकी रूप से उससे भी अधिक चुनौतीपूर्ण थी, जहां सुरक्षा मानकों, चट्टानी संरचना और निर्माण की सटीकता पर विशेष ध्यान दिया गया।

स्टेशन, डिपो और अत्याधुनिक ढांचा

परियोजना के तहत कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे—

  • मुंबई में टर्मिनल: BKC
  • अहमदाबाद में टर्मिनल: साबरमती
    इसके अलावा, तीन डिपो विकसित किए जा रहे हैं, जबकि आमतौर पर इतनी लंबी परियोजना के लिए दो डिपो ही पर्याप्त माने जाते हैं। भूमि अधिग्रहण और अनुमति में हुई देरी के कारण अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गईं।

2 घंटे में मुंबई से अहमदाबाद

पूरा कॉरिडोर अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है, जिसमें लगभग 85% हिस्सा वायडक्ट पर आधारित है।
अब तक 326 किलोमीटर वायडक्ट का निर्माण पूरा हो चुका है।
परियोजना के पूरी तरह चालू होने के बाद मुंबई से अहमदाबाद की दूरी सिर्फ 2 घंटे में तय की जा सकेगी।

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