
पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर अफगानिस्तान की सीमा पर हवाई हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है। अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीउल्लाह के अनुसार ये हमला देर रात लगभग 12 बजे हुआ, जब ज्यादातर लोग अपने घरों में गहरी नींद में थे। हवाई हमले में 9 बच्चों सहित कुल 10 आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि ये हमले खोस्त, कुनर-पक्तिका और आसपास के क्षेत्रों में किए गए, जिनमें भारी जानमाल का नुकसान हुआ है।
महीनों से तनाव में दोनों देश
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण बने हुए हैं। कुछ ही महीने पहले, अक्टूबर में, पाकिस्तान ने सीमा पार इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें अफगानिस्तान के तीन क्रिकेटरों की मौत हुई थी। काबुल में भी पाकिस्तान की बमबारी के बाद दोनों देशों के बीच काफी विवाद बढ़ा था। सीजफायर पर बातचीत जरूर हुई, लेकिन उसके बावजूद हमलों का सिलसिला नहीं रुका है।
हमले की वजह क्या बताई जा रही है?
पाकिस्तान का कहना है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) उसके देश में लगातार हमले कर रहा है, और TTP के आतंकियों को अफगानिस्तान की जमीन पर शरण मिल रही है। हालांकि अफगानिस्तान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है और दावा करता है कि उसकी धरती का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाता।
इतिहास में भी आमने-सामने रहे दोनों
यह विवाद नया नहीं है। 1949 में आज़ाद पश्तूनिस्तान के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था और पाकिस्तान ने अफगान आदिवासी क्षेत्रों पर बमबारी की थी। 1949–50 के दौरान सीमा पर कई टकराव हुए, जिससे दोनों देशों के राजनयिक संबंध भी कमजोर पड़े। बाद में अमेरिका की दखलअंदाज़ी से स्थिति कुछ समय के लिए संभली, मगर सोवियत कब्जे के दौरान भी सीमाई झड़पें जारी रहीं। हालांकि उस दौर की घटनाएँ बहुत कम रिपोर्ट हुईं।


