सर्दी ने दिखाए तेवर, कई राज्यों में कोहरा और शीत लहर का अलर्ट
नए साल से पहले देश के बड़े हिस्से में सर्दी अपने तेवर दिखा रही है। उत्तर भारत से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर तक ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पश्चिमी हिमालय के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा, शीत दिवस और कई जगहों पर शीत लहर ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। इस बदलते मौसम का असर सिर्फ रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर ही नहीं, बल्कि यातायात और लोगों की सेहत पर भी साफ़ दिखाई दे रहा है। मौसम को लेकर राहत की उम्मीद फिलहाल कम है। अनुमान है कि नए साल की शुरुआत तक कई इलाकों में रात और सुबह के वक्त घना कोहरा छाया रहेगा और ठंड और ज्यादा बढ़ सकती है।
कहां-कहां रहेगा कोहरे का असर
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में 1 जनवरी तक सुबह और रात के समय बेहद घना कोहरा देखने को मिल सकता है।
- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 30 दिसंबर तक
- बिहार में 27 दिसंबर तक
- असम और मेघालय में 26 दिसंबर तक
कोहरे का असर बना रहने की संभावना है।
इसके अलावा असम, मेघालय, बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में 30 दिसंबर तक, अरुणाचल प्रदेश में 28 दिसंबर तक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 27 दिसंबर तक घने कोहरे की स्थिति रह सकती है।
शीत दिवस और शीत लहर का अलर्ट
आईएमडी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 दिसंबर को कुछ स्थानों पर गंभीर शीत दिवस की चेतावनी जारी की है। बिहार में 30 दिसंबर तक और उत्तराखंड में 28 दिसंबर तक अत्यधिक ठंड पड़ने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 दिसंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 दिसंबर को शीत दिवस की स्थिति बन सकती है। उत्तर राजस्थान के लिए 27 दिसंबर को शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में कोहरे का यलो अलर्ट
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंड जरूर है, लेकिन अभी शीत लहर जैसी स्थिति नहीं बनी है। न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है और दिसंबर की शुरुआत के कुछ दिनों को छोड़ दें तो तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार और रविवार को मध्यम स्तर का कोहरा छा सकता है, जबकि कुछ इलाकों में घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है। इसी को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे, जिससे तापमान में अचानक बड़ी गिरावट की संभावना कम है।


