दिल्ली में बड़ा एनकाउंटर: पुलिस की जवाबी फायरिंग में गैंगस्टर अंकित घायल, लंबे समय से था फरार

दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में गुरुवार सुबह पुलिस और अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े शूटर अंकित को घायल कर पकड़ लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरी ओर आरोपी की फायरिंग से एक हेड कॉन्स्टेबल की जान बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बच गई।
कैसे शुरू हुई कार्रवाई?
पुलिस के अनुसार, 28 अक्टूबर 2025 को नजफगढ़ इलाके में रोहित लांबा नाम के व्यक्ति पर चार हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई थी। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि हमला हिमांशु भाऊ गिरोह ने कराया था। चार अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि दो मुख्य शूटर – अंकित और दीपक – लगातार पुलिस से बचते फिर रहे थे।
इन दोनों पर दिल्ली पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
मुठभेड़ की पूरी कहानी
गुरुवार को एंटी नारकोटिक्स सेल को सूचना मिली कि वांछित आरोपी अंकित नजफगढ़ स्थित साईं बाबा मंदिर के पास दिखाई देने वाला है। टीम ने मंदिर के समीप बस स्टैंड के आसपास घेराबंदी कर दी।
करीब 8:05 बजे आरोपी बाइक से पहुंचा। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने भागने का प्रयास करते हुए फायरिंग शुरू कर दी।
अंकित ने पुलिस पर तीन राउंड गोली चलाई, जिनमें से एक गोली हेड कॉन्स्टेबल कुलदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी और वे सुरक्षित रहे। इसके जवाब में पुलिस ने भी फायर किया, जिसमें एक गोली आरोपी के दाहिने पैर में लगी और उसे काबू कर लिया गया।
कौन है अंकित?
गिरफ्तार युवक की पहचान अंकित पुत्र सुरेंद्र, निवासी गोराड गांव, सोनीपत (हरियाणा) के रूप में हुई है। उसकी उम्र 25 वर्ष है।
वह पहले भी कई गंभीर मामलों में शामिल रहा है। साल 2020 में इसने बहादुरगढ़ CIA स्टाफ पर फायरिंग की थी, जिसमें एक कांस्टेबल घायल हुआ था। इसी वजह से हरियाणा और दिल्ली पुलिस उसे लंबे समय से तलाश रही थीं।


