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देश दो मौसमों के बीच फंसा: उत्तर में कड़ाके की ठंड, दक्षिण में भारी बारिश का खतरा

एक तरफ जमा देने वाली सर्दी, दूसरी ओर बारिश की मार: मौसम ने बढ़ाई देशभर में चिंता

भारत इस समय मौसम की दो विपरीत तस्वीरों से जूझ रहा है। जहां उत्तर भारत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में है, वहीं दक्षिण भारत पर समुद्र से उठे तूफानी सिस्टम का खतरा मंडरा रहा है। एक ओर लोग ठिठुर रहे हैं, तो दूसरी ओर भारी बारिश की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।

उत्तर भारत में सर्दी का कहर

उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंड और तेज होगी। कई राज्यों में शीतलहर और शीत दिवस की स्थिति बनी रहने की चेतावनी जारी की गई है। IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले एक हफ्ते तक सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। वहीं मध्य भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अगले दो से तीन दिन कोहरे से परेशानी बढ़ेगी। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहने की संभावना है।

दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट

जहां उत्तर भारत ठंड से कांप रहा है, वहीं दक्षिणी राज्यों पर बारिश का संकट गहरा गया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के कारण तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 10 और 11 जनवरी को भारी से अत्यधिक बारिश हो सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

दिल्ली-NCR में सबसे सर्द सुबह

दिल्ली और आसपास के इलाकों में सर्दी ने इस मौसम का अब तक का सबसे तीखा रूप दिखाया है। शुक्रवार को राजधानी में न्यूनतम तापमान इस सर्दी के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शीतलहर जारी रहेगी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी संभव है।

यूपी-बिहार में राहत और परेशानी दोनों

उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहेगा। बिहार में 10 और 11 जनवरी को शीत दिवस की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि उत्तर प्रदेश में हल्की धूप निकलने से ठंड और कोहरे से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और पहाड़ों में हालात गंभीर

राजस्थान और मध्य प्रदेश में सर्दी का असर कम होने के आसार नहीं हैं। राजस्थान में 11 से 14 जनवरी के बीच भीषण शीतलहर चल सकती है। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फीली हवाओं के साथ पाला पड़ने की संभावना है, जिससे जनजीवन और खेती पर असर पड़ सकता है।

कश्मीर में ‘चिल्ला-ए-कलां’ अपने चरम पर

कश्मीर घाटी में सर्दियों का सबसे कठोर दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ जारी है। श्रीनगर में इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जिसके चलते डल झील के कई हिस्से जम गए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह ठंड 29 जनवरी तक बनी रहेगी। 21 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने से रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है, हालांकि उसके बाद मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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