नई दिल्ली: राजधानी की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार एक बड़े संस्थागत सुधार की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (DUMTA) और एक विशेष दिल्ली अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड (DUTF) की स्थापना के लिए नए कानून का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका उद्देश्य राजधानी में बिखरी हुई परिवहन प्रणालियों को एक साझा और संगठित ढांचे के अंतर्गत लाना है, जिससे योजना, संचालन और निवेश में बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
उच्चस्तरीय टास्क फोर्स गठित
इस महत्वाकांक्षी पहल को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि टास्क फोर्स विभिन्न विभागों और संस्थाओं से विचार-विमर्श कर व्यापक और व्यावहारिक मसौदा तैयार करे, ताकि कानून को जल्द लागू किया जा सके।
समन्वित परिवहन प्रणाली पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक दिल्ली की परिवहन एजेंसियां अलग-अलग काम करती रही हैं, जिससे मार्ग योजना, परियोजनाओं और सेवाओं के स्तर पर समन्वय की कमी रही है। प्रस्तावित DUMTA सभी प्रमुख परिवहन साधनों—मेट्रो, बस, क्षेत्रीय रेल, रेलवे और फीडर सेवाओं—को एकीकृत योजना ढांचे में लाकर एक समग्र शहरी गतिशीलता मॉडल विकसित करेगा।
निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य
सरकार का मानना है कि मजबूत और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क तैयार होने से लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक साधनों को अपनाएंगे। इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि वायु प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदूषण से निपटने की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा बताया।
विशेषज्ञों और संस्थानों की भागीदारी
टास्क फोर्स में परिवहन, शहरी विकास, वित्त, योजना, लोक निर्माण, पुलिस और प्रमुख नागरिक संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। साथ ही, शहरी परिवहन के अनुभवी विशेषज्ञों को भी प्रक्रिया में जोड़ा जाएगा, ताकि वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और स्थानीय जरूरतों का संतुलन सुनिश्चित किया जा सके। सरकार का कहना है कि यह कदम दिल्ली को एक स्वच्छ, सुरक्षित और नागरिकों के अनुकूल परिवहन व्यवस्था देने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा और राजधानी के शहरी विकास को नई गति देगा।


