युवाओं को खेलों से जोड़ने की बड़ी पहल: दिल्ली खेल महाकुंभ का आगाज़
दिल्ली की खेल यात्रा में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। राजधानी में पहली बार आयोजित राज्य स्तरीय मेगा स्पोर्ट्स फेस्टिवल ‘खेलो दिल्ली–दिल्ली खेल महाकुंभ’ का भव्य शुभारंभ आज छत्रसाल स्टेडियम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया गया। यह आयोजन राजधानी में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को मंच देने की अब तक की सबसे बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली खेल महाकुंभ के आधिकारिक मैस्कॉट ‘रनवीर’ का अनावरण भी किया गया, जिसने उपस्थित खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह भर दिया।
युवाओं को खेलों से जोड़ने की बड़ी पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित यह आयोजन ‘खेलो इंडिया मिशन’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ की भावना के अनुरूप दिल्ली सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। इसका उद्देश्य युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और दिल्ली को देश के प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करना है। युवाओं को प्रेरित करने के लिए ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शिखर धवन और पैरा ओलंपिक पदक विजेता शरद कुमार को खेल महाकुंभ का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है।
भव्य मार्च-पास्ट और सांस्कृतिक रंग
उद्घाटन समारोह में 1,000 से अधिक खिलाड़ियों ने शानदार मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया, जिसमें सीडब्ल्यूएसएन खिलाड़ी, स्कूल बैंड, नासिक ढोल दल तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों और खेल संघों के खिलाड़ी शामिल थे। मंच से खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया। लोकप्रिय गायक परमिश वर्मा की प्रस्तुति ने समारोह को और भी यादगार बना दिया।
खिलाड़ियों के लिए करोड़ों की सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अब तक लगभग ₹33 करोड़ की लंबित पुरस्कार राशि खिलाड़ियों को वितरित की है। नई खेल नीति के तहत:
- ओलंपिक/पैरालंपिक स्वर्ण पर ₹7 करोड़
- रजत पर ₹5 करोड़
- कांस्य पर ₹3 करोड़
- राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वालों को प्रतिवर्ष ₹20 लाख सहायता
- राज्य/राष्ट्रीय स्तर के विद्यार्थियों को ₹5 लाख सहायता और ₹10 लाख तक का जीवन बीमा
आधुनिक खेल अवसंरचना पर जोर
दिल्ली में नए स्टेडियमों का निर्माण, आधुनिक खेल मैदानों का विकास, बेहतर उपकरण, प्रशिक्षित कोच और विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है, ताकि खिलाड़ियों को किसी भी स्तर पर संसाधनों की कमी न हो।
एक माह तक, 17 प्रमुख स्थलों पर आयोजन
यह खेल महोत्सव राजधानी के 17 प्रमुख स्टेडियमों और खेल परिसरों में आयोजित होगा। एथलेटिक्स, फुटबॉल, कुश्ती, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और स्क्वैश—इन सात खेलों में प्रतियोगिताएँ होंगी। अब तक 16,000 से अधिक खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं, जिन्हें भविष्य में बढ़ाकर 30,000 और आगे चलकर एक लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता
महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बेटियाँ खेलों में आगे आएँ और नई ऊँचाइयाँ हासिल करें।


