पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक थाने में आने वाले पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार न हो। ऐसा पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग से ही मजबूत कानून व्यवस्था कायम रह सकती है। बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित पाक्षिक अपराध गोष्ठी के दौरान पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने महिला अपराधों पर विशेष सख्ती बरतने और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने पर जोर दिया। साथ ही शहर में लगने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर रोड इंजीनियरिंग में सुधार के प्रयास करने के निर्देश दिए।
गणतंत्र दिवस को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर गहन चेकिंग कराने को कहा। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने और आवश्यकता पड़ने पर जीरो एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग और सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जा सकता है। जेल से रिहा हुए अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों पर कड़ी नजर रखने, संगठित अपराध करने वाले गिरोहों पर कार्रवाई करने और ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए। हाल ही में थानों और चौकियों में मारपीट की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए पुलिस आयुक्त ने चेतावनी दी कि जाम की समस्या को लेकर लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी जिम्मेदार माने जाएंगे। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।


