दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति Lee Jae-myung ने सोमवार को एक अहम प्रतीकात्मक कदम उठाते हुए आधिकारिक राष्ट्रपति भवन Cheong Wa Dae (Blue House) का दौरा किया। जून में पदभार संभालने के बाद यह उनका ब्लू हाउस का पहला दौरा रहा। पिछले तीन वर्षों से यह ऐतिहासिक परिसर खाली पड़ा था।

दरअसल, पूर्व राष्ट्रपति Yoon Suk Yeol ने अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति कार्यालय को रक्षा मंत्रालय के परिसर में स्थानांतरित कर दिया था। उनका तर्क था कि ब्लू हाउस आम जनता से कटा हुआ है और नए स्थान से शासन अधिक “लोकतांत्रिक” और सुलभ होगा। हालांकि इस फैसले पर भारी खर्च और सुरक्षा जोखिमों को लेकर काफी आलोचना भी हुई थी।
ब्लू हाउस: इतिहास और सत्ता का प्रतीक
ब्लू हाउस दक्षिण कोरिया की राजनीति का सबसे अहम प्रतीक माना जाता है। उत्तर सियोल की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह परिसर करीब 62 एकड़ में फैला है और ऐतिहासिक Gyeongbokgung Palace के पास स्थित है। जापानी शासन से मुक्ति के बाद से यह राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास रहा है।
9 मई 2022 के बाद यह पहली बार हुआ है जब कोई मौजूदा राष्ट्रपति ब्लू हाउस पहुंचा है। उस दिन तत्कालीन राष्ट्रपति Moon Jae-in का कार्यकाल समाप्त हुआ था। उनके बाद सत्ता संभालने वाले यून सुक योल ने इस भवन का इस्तेमाल बंद कर दिया और इसे संग्रहालय के रूप में आम जनता के लिए खोल दिया।
सत्ता परिवर्तन के बाद बदला माहौल
दिसंबर 2024 में यून सुक योल पर देश में मार्शल लॉ लागू करने जैसे गंभीर आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें सत्ता से हटना पड़ा। इसके बाद हुए चुनाव में ली जे म्युंग ने जीत दर्ज कर राष्ट्रपति पद संभाला। ब्लू हाउस का उनका यह दौरा न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक रूप से भी एक मजबूत संदेश माना जा रहा है—कि नई सरकार पुराने प्रतीकों और परंपराओं के साथ नए सिरे से जुड़ना चाहती है।


