केरल को पीएम मोदी की बड़ी सौगात, इनोवेशन हब से लेकर 4 नई ट्रेनों तक विकास की रफ्तार तेज
केरल दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्य को विकास से जुड़ी कई बड़ी सौगातें दीं। तिरुवनंतपुरम में उन्होंने विज्ञान, इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले CSIR–NIIST इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप हब की आधारशिला रखी। इसके साथ ही रेहड़ी-पटरी वालों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड की शुरुआत भी की गई।
रेल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार
प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम से चार नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं, जो नागरकोइल–मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम–तांबरम और तिरुवनंतपुरम–चार्लापल्ली रूट पर चलेंगी। इसके अलावा त्रिशूर और गुरुवयूर के बीच एक नई पैसेंजर ट्रेन भी शुरू की गई।
इन सेवाओं से केरल समेत आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना के बीच संपर्क और मजबूत होने की उम्मीद है।
तिरुवनंतपुरम को स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से केरल के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि तिरुवनंतपुरम को देश के बड़े स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही रेल नेटवर्क के विस्तार से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
‘विकसित भारत’ में शहरों की अहम भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरा देश मिलकर काम कर रहा है और इसमें शहरों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने बताया कि बीते 11 वर्षों में शहरी बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।
केरल की राजनीति पर भी टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि केरल अब एलडीएफ और यूडीएफ की राजनीति से आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने नगर निगम चुनावों में बीजेपी-एनडीए को मिली सफलता को बदलाव का संकेत बताया।
रेहड़ी-पटरी वालों को सीधा लाभ
पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड यूपीआई से जुड़ी ब्याज-मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा है। इससे रेहड़ी-पटरी वालों को तुरंत पूंजी मिलेगी, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा और उनका औपचारिक क्रेडिट इतिहास भी बनेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री लगभग एक लाख लाभार्थियों को पीएम स्वनिधि लोन भी वितरित करेंगे।
विज्ञान और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
CSIR-NIIST हब के जरिए केरल में रिसर्च, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।


