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डिप्टी सीएम केशव मौर्य सख्त, दूध विक्रेता से मारपीट मामले में पुलिस पर FIR के आदेश

थर्ड डिग्री के आरोपों से गरमाया आगरा, डिप्टी सीएम ने पुलिस को लगाई फटकार

आगरा: विकसित भारत जनजागरण अभियान के तहत आगरा पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाया। जीवनी मंडी पुलिस चौकी में दूध विक्रेता के साथ कथित थर्ड डिग्री की शिकायत सामने आने पर उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। यह आदेश पार्टी नेताओं और जनप्रतिनिधियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अतिरिक्त पुलिस आयुक्त को तलब कर दिया गया।

दरअसल, प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की पूर्व बैठक में सवाल उठने के बावजूद पुलिस व्यवस्था में सुधार न होने से जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। शुक्रवार को भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सीधे उप मुख्यमंत्री से आगरा पुलिस की शिकायत की। उनका आरोप था कि पुलिस का रवैया तानाशाहीपूर्ण हो गया है और आम नागरिकों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की भी सुनवाई नहीं हो रही। बैठक में भाजपा नेताओं ने जीवनी मंडी चौकी में दूध विक्रेता के साथ मारपीट की घटना को प्रमुखता से उठाया। साथ ही यह भी बताया गया कि कुछ लोग अपनी शिकायत लेकर सर्किट हाउस पहुंचना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घरों में ही रोक दिया। किरावली क्षेत्र में एक किसान को पूछताछ के बहाने बुलाकर पीटे जाने का मामला भी बैठक में गूंजा। नेताओं ने कहा कि पुलिस लगातार उत्पीड़न कर रही है, लेकिन दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर को बुलाने के निर्देश दिए। कमिश्नर के अवकाश पर होने के कारण अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बैठक में पहुंचे, जिन्हें डिप्टी सीएम ने कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने और दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इससे पहले उप मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान में छूटे मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। बैठक में सांसद राजकुमार चाहर, क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, धर्मपाल सिंह समेत कई पूर्व विधायक और पार्टी नेता मौजूद रहे।

पुलिस का पक्ष:
अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह ने बताया कि थाना छत्ता पुलिस पर लगे पिटाई के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने नजरबंदी के आरोपों को खारिज किया।

नजरबंदी का आरोप:
कुशवाह युवा मंच के अध्यक्ष विपिन कुशवाह ने दावा किया कि उप मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने से पहले पुलिस ने उन्हें घर में ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष गिर्राज सिंह कुशवाह सहित अन्य लोगों ने भी डिप्टी सीएम से पुलिस उत्पीड़न की शिकायत की।

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