22.8 C
Agra
Homeआगराटीकाकरण में बड़ी लापरवाही, आगरा–अलीगढ़ मंडल को 10 दिन का अल्टीमेटम

टीकाकरण में बड़ी लापरवाही, आगरा–अलीगढ़ मंडल को 10 दिन का अल्टीमेटम

स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुली, मिशन निदेशक ने अधिकारियों को लगाई फटकार

“एक भी टीका छूटा तो सुरक्षा घेरा टूटा”—संक्रामक रोगों के उन्मूलन का यह नारा जमीनी स्तर पर कितना कमजोर है, इसका खुलासा बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में हुआ। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष और मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल की समीक्षा में आगरा और अलीगढ़ मंडल में टीकाकरण व्यवस्था बेहद चिंताजनक पाई गई। सबसे खराब स्थिति फिरोजाबाद जिले की सामने आई, जहां करीब 70 प्रतिशत बच्चे खसरे के टीके से वंचित पाए गए। दोनों मंडलों में अब तक खसरे के 1,174 मामले दर्ज हो चुके हैं, इसके बावजूद टीकाकरण अभियान में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। अधिकारियों को 10 दिन में टीकाकरण पूरा करने और 30 दिन में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की सख्त चेतावनी दी गई।

सीएमओ को फटकार, एएनएम तक निगरानी के निर्देश

मंडलायुक्त सभागार में हुई बैठक के दौरान मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल बच्चों के टीकाकरण में ढिलाई को लेकर खासा नाराज़ दिखीं। उन्होंने फिरोजाबाद के सीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अब एएनएम स्तर तक व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाए। हर बच्चे तक टीका पहुंचाना अनिवार्य होगा। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने भी साफ कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्टाफ असंतुलन पर 15 दिन में एसओपी

बैठक में स्वास्थ्य इकाइयों में स्टाफ की कमी और असमान तैनाती का मुद्दा भी उठा। कहीं जरूरत से ज्यादा फार्मासिस्ट हैं तो कहीं एक भी नहीं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए 15 दिनों के भीतर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। तैनाती अब मरीजों की संख्या के आधार पर की जाएगी।

अस्पतालों को 24 घंटे का अल्टीमेटम

एटा, मैनपुरी, मथुरा और हाथरस के अस्पतालों में सिटीजन चार्टर, सुझाव पेटिका और साइनेज बोर्ड न मिलने पर नाराज़गी जताई गई। अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर फोटो भेजने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने पर वेतन रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सफाईकर्मी से लेकर सीएमएस तक सभी को समर्पण भाव से मरीजों की सेवा करनी होगी। साथ ही सीएमओ को निर्देश दिए गए कि वे हर महीने कम से कम दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का भौतिक सत्यापन करें।

समीक्षा से पहले कराया गया था सर्वे

बैठक से पहले आगरा और अलीगढ़ मंडल में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक सर्वे कराया गया था। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और पीएचसी की जांच में मरीजों ने संतोष तो जताया, लेकिन अग्निशमन सुरक्षा, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण और दवाओं की उपलब्धता में गंभीर कमियां सामने आईं। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments