झांसी में पहली महिला ऑटो चालक के रूप में पहचान बनाने वाली अनीता चौधरी (40) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। देर रात उनका रक्तरंजित शव सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास मिला, जबकि कुछ ही दूरी पर उनकी ऑटो सड़क पर पलटी हुई पाई गई। शुरुआत में पुलिस इसे सड़क हादसा मानती रही, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी।

पोस्टमार्टम ने उजागर की सच्चाई
रिपोर्ट के अनुसार अनीता के गले को भेदते हुए गोली सिर की ओर फंसी थी। गले और सिर पर गोली व छर्रे के साफ निशान पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इसके बाद पुलिस को अपनी शुरुआती थ्योरी बदलनी पड़ी।
लूट और हत्या का आरोप
परिजनों ने हत्या के साथ लूटपाट का आरोप लगाया है। अनीता के शरीर से मंगलसूत्र, कान-नाक के गहने, पायल और मोबाइल फोन गायब बताए गए हैं। देवर दिलदार सिंह का कहना है कि अनीता की हत्या कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई।
दोस्त ही निकला मुख्य आरोपी
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अनीता के मित्र मुकेश झा, उसके पुत्र शिवम और मनोज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। शिवम और मनोज को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी मुकेश झा फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
चश्मदीद का बयान
घटना के वक्त ऑटो में मौजूद अनीता के एक परिचित ने बताया कि अचानक गोली चली, जिसकी आवाज से उसके कान सुन्न हो गए। गोली चलाने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। चश्मदीद के अनुसार आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद होने की संभावना है, जिसकी फुटेज पुलिस खंगाल रही है।
संघर्ष से बनी थी पहचान
स्नातक शिक्षित अनीता ने लगभग 15 वर्षों तक एक निजी कंपनी में काम किया था। वर्ष 2020 में नौकरी छूटने के बाद पारिवारिक आर्थिक तंगी से जूझते हुए उन्होंने ऑटो चलाने का फैसला किया। फरवरी 2021 में फाइनेंस पर ऑटो खरीदकर वे झांसी की पहली महिला ऑटो चालक बनीं। उनके साहस और आत्मनिर्भरता की कई संस्थाओं ने सराहना की थी।
परिवार में मातम
अनीता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके परिवार में पति, दो बेटियां पढ़ाई कर रही हैं और एक बेटी विवाहित है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और चश्मदीद के बयान के आधार पर हत्या की पुष्टि हो चुकी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।


