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जेएस विवि की मान्यता रद्द, छात्रों के भविष्य को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान

छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं, सभी दस्तावेज आगरा विवि से जारी होंगे

जेएस यूनिवर्सिटी प्रकरण पर सरकार का आश्वासन, छात्रों के हित सुरक्षित

शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द होने के बाद छात्रों के भविष्य को लेकर उठ रही चिंताओं पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है। अब प्रभावित छात्रों की सभी शैक्षणिक डिग्रियां और आवश्यक दस्तावेज डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से जारी किए जाएंगे। जेएस यूनिवर्सिटी से संबंधित सभी रिकॉर्ड आगरा विश्वविद्यालय को स्थानांतरित किए जाएंगे और विश्वविद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी छात्र के हितों के साथ अन्याय न हो। सोमवार को सर्किट हाउस पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जीरामजी (विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) किए जाने पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों, महिलाओं, युवाओं और मजदूरों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है।

मंत्री ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत केवल 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित था, जबकि अब नई योजना के अंतर्गत 125 दिन का पक्का रोजगार मिलेगा। इसके अलावा श्रमिकों को 60 दिन कृषि कार्य में मजदूरी का अवसर भी दिया जाएगा। इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में अब कुल 185 दिन तक रोजगार की गारंटी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत यह योजना पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी होगी, जिससे श्रमिकों की मजदूरी सुरक्षित रहेगी। योजना के लिए 151 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जल संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था, भंडारण केंद्र और ग्रामीण हाट जैसी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

विपक्ष पर साधा निशाना

विपक्ष के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर जनता को गुमराह कर रहा है, जबकि नया कानून 25 प्रतिशत से अधिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा के नाम पर केवल गड्ढे खोदने और भरने का काम होता था और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि उनके बयान तथ्यहीन हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अखिलेश यादव कोई गीता का उपदेश नहीं दे रहे हैं। इटावा में मंदिर निर्माण पर तंज कसते हुए कहा कि यह अच्छी पहल है, इससे पहले तो उन्होंने केवल कब्रिस्तान और मजारों का निर्माण कराया था।

ये रहे मौजूद

इस दौरान मंत्री के साथ नगर विधायक मनीष असीजा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अतुल प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष डॉ. सतीश दिवाकर, निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास निषाद, पूर्व विधायक हरिओम यादव, शैलेंद्र गुप्ता उर्फ शालू, अमित गुप्ता सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता उपस्थित रहे।

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