सेंसर सर्टिफिकेट में देरी: कांग्रेस बोली– तमिल सिनेमा को निशाना बना रही है केंद्र सरकार
तमिलनाडु कांग्रेस के प्रभारी गिरीश चोडंकर ने गुरुवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अभिनेता और तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के नेता विजय की आगामी फिल्म ‘जना नायकन’ को अब तक सेंसर सर्टिफिकेट न मिलना सत्ता के दुरुपयोग का संकेत है। चोडंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री कार्यालय और नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि राजनीतिक असहमति अपनी जगह है, लेकिन किसी कलाकार की रचनात्मक अभिव्यक्ति को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि विजय की फिल्म को लेकर पैदा हुआ विवाद यह दिखाता है कि किस तरह राजनीतिक ताकत का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने साफ शब्दों में कहा कि तमिलनाडु की जनता राजनीति के फायदे के लिए सिनेमा पर लगाई जाने वाली किसी भी तरह की पाबंदी को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि कला और मनोरंजन को राजनीतिक टकराव का हथियार न बनाया जाए और रचनात्मक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाए। चोडंकर ने आगे कहा कि अगर मुकाबला करना है तो प्रधानमंत्री को अभिनेता विजय से नहीं, बल्कि राजनेता विजय से राजनीतिक रूप से सामना करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 56 इंच के सीने का दावा फिल्मों को रोककर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा करके साबित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि धमकी की राजनीति तमिलनाडु में असरदार नहीं होगी।
यह बयान उस समय आया है जब ‘जना नायकन’, जिसे थलपति विजय की आखिरी फिल्म माना जा रहा है, की रिलीज अनिश्चितता में फंसी हुई है। फिल्म को पहले 9 जनवरी 2026 को रिलीज किया जाना था, लेकिन अब इसे तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले टाल दिया गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के 2017 के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी तमिल सिनेमा और संस्कृति के सम्मान की बात कही गई थी। चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि ‘जना नायकन’ को सेंसर सर्टिफिकेट न देकर और उसकी रिलीज रोककर केंद्र सरकार ने एक बार फिर तमिल लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।


