मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया गया। बैठक में 04 लेन (भविष्य में 06 लेन तक विस्तारणीय) प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को ईपीसी मॉडल के तहत लागू करने हेतु निर्माणकर्ता के चयन के लिए तैयार अंतिम आरएफपी दस्तावेज को मंजूरी दी गई। औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने जानकारी दी कि इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह एक्सप्रेसवे जनपद चित्रकूट के भरतकूप से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-135 बीजी पर ग्राम अहमदगंज तक विकसित किया जाएगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 15.17 किलोमीटर होगी और इसके लिए 513.97 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। मंत्री परिषद की स्वीकृति के बाद परियोजना के लिए वैश्विक स्तर पर निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से चित्रकूट और बुंदेलखंड क्षेत्र में पर्यटन को नया बल मिलेगा तथा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तेज और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध होगी।
लखीमपुर में 2850 करोड़ का निवेश
इसके अलावा कैबिनेट ने लखीमपुर में बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड द्वारा 2850 करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी। इस संबंध में जारी किए जाने वाले लेटर ऑफ कम्फर्ट को मंजूरी प्रदान की गई है। प्रदेश में बायो-प्लास्टिक उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू नीति के तहत यह कदम उठाया गया है। साथ ही बैठक में यूपीसीडा, लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से जुड़े विकास एवं संपत्ति आवंटन तथा सार्वजनिक उद्यम विभाग की सीएजी रिपोर्ट को विधानसभा पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।


