भारत की आर्थिक ताकत का ऐलान: WEF मंच से ‘Autumn Davos’ का आइडिया
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच पर इस बार भारत की भूमिका सिर्फ एक सहभागी देश की नहीं रही, बल्कि उसने वैश्विक आर्थिक नेतृत्व की ओर अपने इरादे भी साफ कर दिए। दावोस में आयोजित इस प्रतिष्ठित मंच से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत में ‘Autumn Davos’ जैसे अंतरराष्ट्रीय बिजनेस समिट के आयोजन का सुझाव देकर ग्लोबल निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस तरह स्विट्ज़रलैंड का दावोस वैश्विक आर्थिक संवाद का केंद्र बन चुका है, उसी तरह भारत भी अब एक विश्वस्तरीय आर्थिक मंच की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके मुताबिक, यह पहल न सिर्फ निवेश को बढ़ावा देगी बल्कि भारत की आर्थिक ताकत और नीतिगत स्थिरता को भी वैश्विक मंच पर मजबूती से पेश करेगी।
ग्लोबल समिट की कमी महसूस करता भारत
भारत में भले ही स्टार्टअप, डिजिटल इकॉनमी और इनोवेशन से जुड़े कई बड़े आयोजन होते हों, लेकिन अभी तक ऐसा कोई एक केंद्रीय अंतरराष्ट्रीय मंच नहीं है, जहां दुनिया के शीर्ष उद्योगपति, निवेशक और नीति निर्माता एक साथ जुटें। राज्यों के स्तर पर वाइब्रेंट गुजरात, बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट और यूपी इन्वेस्टर्स समिट जैसे कार्यक्रम जरूर होते हैं, मगर एक “ऑल-इंडिया, ग्लोबल स्केल” इवेंट की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है।
मजबूत आर्थिक स्थिति का भरोसा
WEF में चर्चा के दौरान अश्विनी वैष्णव ने भारत की आर्थिक स्थिरता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। महंगाई नियंत्रण में है, मैक्रोइकोनॉमिक संकेतक मजबूत हैं और जीएसटी जैसे सुधारों ने अर्थव्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए सुधारों को निवेशकों के बढ़ते भरोसे की बड़ी वजह बताया।
चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और AI में छलांग
अश्विनी वैष्णव ने यह भी रेखांकित किया कि 2025 में भारत, जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.3% करना इस आर्थिक रफ्तार की पुष्टि करता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मोर्चे पर भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैष्णव के अनुसार, भारत आज AI के एप्लिकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी—तीनों स्तरों पर मजबूत स्थिति में है और आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखता है।


