मेलोनी ने सराहा ट्रंप का फैसला, बोलीं– संवाद ही समाधान का रास्ता
स्विट्ज़रलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने फ्रांस, जर्मनी, डेनमार्क समेत कई यूरोपीय देशों पर प्रस्तावित टैरिफ लागू न करने का फैसला लिया है। इस ऐलान के बाद यूरोप के कई नेताओं ने राहत की सांस ली है। इसी कड़ी में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर ट्रंप के फैसले का स्वागत किया।
मेलोनी बोलीं— सहयोग से ही निकलेंगे समाधान
मेलोनी ने अपने संदेश में लिखा कि अमेरिका द्वारा 1 फरवरी से लागू होने वाले टैरिफ को रद्द करना एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने दोहराया कि इटली हमेशा से सहयोगी देशों के बीच खुले संवाद और बातचीत के पक्ष में रहा है। उनके मुताबिक, आपसी मतभेदों को सुलझाने का सबसे बेहतर तरीका टकराव नहीं बल्कि बातचीत है।
पहले भी बातचीत पर जोर दे चुकी हैं मेलोनी
यह पहला मौका नहीं है जब मेलोनी ने संवाद की वकालत की हो। इससे पहले जापान यात्रा के दौरान भी उन्होंने अमेरिका और NATO सहयोगियों से ग्रीनलैंड जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत के जरिए हल निकालने की बात कही थी।
क्यों लगा था 10% टैरिफ का प्रस्ताव?
दरअसल, ट्रंप ने पहले यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इस फैसले से NATO सहयोगी देशों में चिंता बढ़ गई थी। माना जा रहा था कि ये टैरिफ 1 फरवरी से लागू हो जाएंगे। किन NATO के महासचिव से बातचीत के बाद ट्रंप ने अपना रुख बदला और टैरिफ वापस लेने का ऐलान कर दिया।
ग्रीनलैंड मुद्दे पर बदला माहौल
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप यूरोपीय देशों से इसलिए नाराज़ थे क्योंकि ग्रीनलैंड के मसले पर उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा था। हालांकि, NATO नेतृत्व की ओर से समर्थन मिलने के बाद माहौल बदला और ट्रंप ने टैरिफ हटाने का फैसला ले लिया।
नतीजा: टकराव की जगह संवाद
ट्रंप के इस कदम को फिलहाल यूरोप-अमेरिका रिश्तों में तनाव कम करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। इटली समेत कई देश इसे सहयोग और कूटनीति की जीत बता रहे हैं।


