गाजा पट्टी में लागू संघर्ष विराम के बावजूद हालात शांत होते नजर नहीं आ रहे हैं। बुधवार को इजरायली सेना की ओर से की गई भारी गोलीबारी में कम से कम 19 लोगों की जान चली गई। स्थानीय अस्पतालों के अनुसार, मृतकों में अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में 5 बच्चे शामिल हैं, जिनमें एक 5 महीने का शिशु और एक केवल 10 दिन का नवजात भी है। इसके अलावा 7 महिलाएं और एक पैरामेडिक की भी मौत हुई है।
इजरायल का कहना है कि ये कार्रवाई उसके सैनिकों पर हुए कथित आतंकवादी हमले के जवाब में की गई है, जिसमें एक सैनिक गंभीर रूप से घायल हुआ था। सेना ने साफ किया है कि इस तरह की घटनाओं पर वह आगे भी जवाबी कदम उठाती रहेगी। 10 अक्टूबर 2025 को हमास के साथ संघर्ष विराम लागू होने के बाद से इजरायली हमलों में अब तक 530 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, ऐसा गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है।
लगातार हो रही हिंसा के चलते अमेरिका समर्थित सीजफायर व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। गाजा शहर के शिफा अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सेल्मिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि गाजा के लोगों के खिलाफ युद्ध अभी भी जारी है और संघर्ष विराम केवल नाम मात्र का रह गया है।


