उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण की पहली किस्त के रूप में 995 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल करीब 4000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि भूमि अधिग्रहण के लिए 1734 करोड़ रुपये की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। जारी की गई राशि मुख्य रूप से बुलंदशहर जिले में जमीन खरीद के लिए उपयोग की जाएगी। सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि 48 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया मार्च 2026 तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। यह नया लिंक एक्सप्रेसवे कुल 74.3 किलोमीटर लंबा होगा, जिससे पश्चिमी यूपी के साथ-साथ दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
कहां से कहां तक बनेगा एक्सप्रेसवे
यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे से शुरू होगा। इसका लगभग 44.3 किमी हिस्सा गंगा एक्सप्रेसवे पर पड़ेगा, जबकि शेष 24.8 किमी हिस्सा यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। यह कनेक्शन सेक्टर-21 स्थित फिल्म सिटी के पास होगा। खास बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे को नोएडा–ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके दोनों ओर 10 से अधिक रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर बसाने की योजना है, जिससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से बढ़ेगा महत्व
इस परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा कराया जाएगा। एक्सप्रेसवे को सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा, जिससे एयरपोर्ट तक पहुंच आसान और तेज हो जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट का लगभग 20 किमी हिस्सा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में आएगा। इसमें करीब 9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन भी शामिल होगा, जो ट्रैफिक को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर, यह लिंक एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने में अहम साबित हो सकता है।


