खाद्य उत्पाद क्षेत्र से जुड़े कुछ बड़े कारोबारियों के खिलाफ बृहस्पतिवार तड़के आयकर विभाग ने एक साथ कई शहरों में सख्त कार्रवाई की। इस अभियान में भोले बाबा डेयरी ग्रुप से जुड़े कारोबारियों समेत कुल पांच व्यावसायिक समूह जांच के दायरे में आए। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में फैले करीब 35 ठिकानों पर 150 से अधिक आयकर अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे। शुरुआती छानबीन में विभाग को भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज और विदेशी निवेश से जुड़े अहम सबूत मिले हैं। इसके साथ ही नकली और मिलावटी घी के निर्माण व बिक्री से जुड़े कागजात भी बरामद किए गए हैं, जिससे कर चोरी के बड़े नेटवर्क की आशंका गहराई है।

कई शहरों में एक साथ दबिश
यह कार्रवाई आगरा, कानपुर, अलीगढ़, मथुरा, गौतमबुद्ध नगर, दिल्ली, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, बीकानेर, जोधपुर और फिरोजाबाद समेत कई शहरों में की गई। आगरा के कुछ प्रमुख कारोबारियों के आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की तलाशी ली गई, वहीं सिरसागंज और दौसा स्थित दुग्ध उत्पाद इकाइयों पर भी दस्तावेजों की गहन जांच हुई।
नकली घी से करोड़ों की कमाई का शक
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जांच में ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जो मिलावटी घी तैयार कर उसे बाजार में खपाने वाले संगठित रैकेट की ओर इशारा करते हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस अवैध कारोबार से अर्जित आय के जरिए बड़े पैमाने पर कर चोरी की गई, जिसका वास्तविक आंकड़ा अनुमान से कहीं अधिक हो सकता है।
ट्रेडर्स भी जांच के घेरे में
सिर्फ उत्पादन इकाइयां ही नहीं, बल्कि नकली घी को दूसरे राज्यों में बेचने वाले व्यापारियों पर भी शिकंजा कसा गया है। राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर में सक्रिय कुछ ट्रेडर समूहों के ठिकानों पर भी एक साथ तलाशी जारी है। आयकर विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित खाद्य सुरक्षा और निगरानी एजेंसियों को भी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी, ताकि मिलावटी खाद्य उत्पादों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


