हाथरस से आगरा लौट रहे भारतीय सेना के जवान की गोली मारकर हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। मृतक की बहन की तहरीर पर पुलिस ने 10 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सादाबाद कोतवाली में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, ग्राम समदपुर निवासी अखिलेश कुमार भारतीय सेना में सैनिक थे और आगरा स्थित 509 ईएमई में तैनात थे। 5 फरवरी को वह हाथरस जनपद न्यायालय से तारीख करके अपने एक मित्र की कार से आगरा लौट रहे थे। रास्ते में चन्द्रा फार्म हाउस के पास उन्होंने अपने गांव के श्यामवीर सिंह को खड़ा देखा, जिस पर उन्होंने वाहन धीमा कर दिया।
इसी दौरान एक थार गाड़ी ने ओवरटेक करते हुए उनकी कार को टक्कर मार दी। इसके बाद पीछे से आई एक इको कार, स्कॉर्पियो और मोटरसाइकिल पर सवार करीब एक दर्जन लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए अखिलेश कार से उतरकर भागे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, रमेश, जगवीर, केके पंडित, भोला समेत कई नामजद आरोपी और कुछ अज्ञात लोग हथियारों से लैस थे। सभी ने मिलकर अखिलेश पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे उनके शरीर में 8 से 10 गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के समय पास में मौजूद श्यामवीर सिंह ने पूरी वारदात अपनी आंखों से देखी। आरोप है कि हमलावरों ने उसे धमकी दी कि यदि उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो उसके और उसके परिवार के साथ भी यही अंजाम होगा।


