आगरा टर्मिनल नहर में एसटीपी पानी पर सवाल, किसान प्रतिनिधि की मौजूदगी में जांच की मांग
आगरा। किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने शनिवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार से मुलाकात कर किसानों से जुड़ी गंभीर समस्याओं को उठाया। उन्होंने आगरा टर्मिनल नहर में छोड़े जा रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी की किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पुनः जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही गोपऊ रजवाहा से वेस्टर्न डिप्रेशन ड्रेन में सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने पर भी जोर दिया। मोहन सिंह चाहर ने बताया कि पहले गोपऊ रजवाहा से वेस्टर्न डिप्रेशन ड्रेन में नियमित रूप से पानी छोड़ा जाता था, जिससे डावली, सगुनापुर, कराहरा और गढ़सानी सहित कई गांवों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलता था। वर्तमान में पानी न छोड़े जाने के कारण किसान फसलों की सिंचाई को लेकर परेशान हैं।
उन्होंने आगरा टर्मिनल नहर में गिर रहे एसटीपी के पानी से खेती और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों की भी शिकायत की। किसान नेता ने कहा कि जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने 21 नवंबर को किसान दिवस के दौरान जांच टीम में किसान प्रतिनिधि को शामिल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद बिना किसान प्रतिनिधि के ही पानी के नमूने ले लिए गए। इस अवसर पर केशवदेव शर्मा, महावीर प्रधान और भीष्म पाल सोलंकी समेत अन्य किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।
वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार सिंह ने बताया कि आगरा की नहरों में ओखला से पानी की आपूर्ति होती है, जिसे उपलब्धता के अनुसार विभिन्न नहरों में वितरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऊपर से पानी की आवक कम होने के कारण वेस्टर्न डिप्रेशन ड्रेन में पानी छोड़ा जाना संभव नहीं है। एसटीपी के पानी की जांच को लेकर उन्होंने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले सिंचाई विभाग, जल निगम और नगर निगम की संयुक्त टीम ने नमूने एकत्र किए थे। किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दोबारा सैंपल लेने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।


