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किर्गिज़स्तान में पुतिन का भव्य स्वागत, मध्य एशिया में रूस का बढ़ता प्रभाव

यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन का बिश्केक दौरा, यंतिमाक ओर्दो में शुरू हुई अहम वार्ता

किर्गिज़स्तान की राजधानी बिश्केक में बुधवार सुबह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति सदिर जापारोव स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे और पारंपरिक सम्मान के साथ पुतिन की अगवानी की। इसके बाद दोनों नेता काफिले के साथ यंतिमाक ओर्दो की ओर रवाना हुए—जो किर्गिज़ सरकार का प्रतिष्ठित अतिथि भवन है और पहाड़ियों के बीच अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहीं पर द्विपक्षीय वार्ताओं का पहला दौर शुरू हुआ। यंतिमाक ओर्दो में इससे पहले कई वैश्विक सम्मेलन और उच्च-स्तरीय मुलाकातें हो चुकी हैं, जिससे यह स्थान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का केंद्र बन चुका है।

किर्गिज़स्तान–रूस: भरोसे की पुरानी साझेदारी

पुतिन का यह दौरा उस समय हो रहा है जब मॉस्को मध्य एशिया में अपने प्रभाव को दोबारा मजबूत करने में जुटा है। किर्गिज़स्तान लंबे समय से रूस का नजदीकी साझेदार माना जाता है। दोनों देश EAEU और CSTO जैसे संगठनों में साथ काम करते रहे हैं।

आज होने वाली मुलाक़ात में इन अहम मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है—

  • द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की रणनीतियाँ
  • हाइड्रोपावर समेत ऊर्जा परियोजनाओं में नए निवेश
  • क्षेत्रीय सुरक्षा और अफगानिस्तान पर संयुक्त दृष्टिकोण
  • किर्गिज़स्तान में रूस के कांत एयरबेस का भविष्य
  • शिक्षा, संस्कृति और मानवीय सहयोग को आगे बढ़ाना

ट्रंप के संभावित शांति प्रस्ताव पर भी बातचीत की संभावना

कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि बंद कमरे में चल रही ये वार्ताएँ केवल द्विपक्षीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेंगी। रूस–यूक्रेन संघर्ष और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सुझाए गए संभावित शांति प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हो सकता है।

राष्ट्रपति जापारोव ने कहा, “रूस हमारे लिए रणनीतिक साझेदार है। यह मुलाकात हमारी दोस्ती को नए स्तर पर ले जाएगी।” वार्ताओं के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी और कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। गुरुवार को पुतिन बिश्केक में ही होने वाले CSTO शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।

मध्य एशिया में रूस का बढ़ता सक्रिय रोल

पश्चिमी प्रतिबंधों और बदलते भू-राजनीतिक माहौल के बीच रूस धीरे-धीरे मध्य एशिया में अपने पुराने नेटवर्क को पुनर्जीवित कर रहा है। पुतिन की यह यात्रा उसी कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल यंतिमाक ओर्दो में दोनों नेताओं के बीच बातचीत जारी है, और इसके परिणाम कुछ ही घंटों में सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।

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