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काम भी, पढ़ाई भी: आंबेडकर विश्वविद्यालय लाया ऑनलाइन डिग्री का मौका

न शहर छोड़ना, न महंगी फीस: आंबेडकर विश्वविद्यालय से ऑनलाइन डिग्री

नियमित कक्षाओं में शामिल न हो पाने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग मोड में डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इस पहल के तहत छात्र घर बैठे पढ़ाई कर सकेंगे और नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के साथ अपनी डिग्री पूरी कर पाएंगे। यह योजना खास तौर पर उन युवाओं के लिए बनाई गई है जो नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या आर्थिक और पारिवारिक कारणों से एमबीए, बीबीए या अन्य डिग्री पाठ्यक्रम पूरे नहीं कर सके। अब न तो उन्हें शहर छोड़ने की मजबूरी होगी और न ही महंगे निजी विश्वविद्यालयों की फीस चुकानी पड़ेगी।

विश्वविद्यालय ने इस डिजिटल पहल को सफल बनाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत मुंबई स्थित टीमलीज एडटेक से तकनीकी सहयोग लिया है। खास बात यह है कि इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत से विश्वविद्यालय पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग एवं ऑनलाइन क्लासेज के निदेशक प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय के अनुसार, पहले चरण में छह डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें एमबीए, बीबीए, बीसीए, एमकॉम, बीकॉम और एमए (अंग्रेज़ी) शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार देशभर के छात्र प्रवेश ले सकेंगे।

ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन विश्वविद्यालय के अनुभवी शिक्षक करेंगे। छात्रों को ई-कंटेंट, डिजिटल स्टडी मैटेरियल और वीडियो लेक्चर ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे। पाठ्यक्रम पूरा होने पर विश्वविद्यालय की ओर से मान्य डिग्री प्रदान की जाएगी। डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से मैनपुरी, आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद के छात्र लाभ उठा सकेंगे, जबकि ऑनलाइन कोर्स के जरिए देश-विदेश के विद्यार्थी भी जुड़ पाएंगे।

अप्रैल–मई से शुरू होंगे आवेदन
प्रो. शरद ने बताया कि इन ऑनलाइन डिग्री पाठ्यक्रमों की फीस नियमित कोर्स की तुलना में कम रखी जाएगी। फीस संरचना की घोषणा जल्द की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और भारतीय व विदेशी छात्रों के लिए नियम समान रहेंगे। इस डिजिटल पहल को विश्वविद्यालय के लिए एक नई शुरुआत बताते हुए कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि इससे न केवल छात्र संख्या बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में नए शैक्षणिक आयाम भी खुलेंगे। छात्रों की रुचि को देखते हुए आगे और पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा।

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