उत्तर प्रदेश के कानपुर में वीआईपी रोड पर हुए हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे में मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि 35 वर्षीय आरोपी को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
रविवार दोपहर करीब 3 बजे ग्वालटोली इलाके में करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की Lamborghini Revuelto तेज रफ्तार में बेकाबू हो गई। कार ने पहले सड़क किनारे खड़े ऑटो और बुलेट बाइक को टक्कर मारी, फिर फुटपाथ पर चढ़ गई। हादसे में चार लोग घायल हो गए, जिनमें 18 वर्षीय ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक भी शामिल हैं। घायल तौफीक ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि बाद में आरोपी पक्ष के वकील ने दावा किया कि शिकायतकर्ता कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार नहीं था।
ड्राइवर बदलने की कोशिश, पुलिस ने नकारा
मामले ने उस वक्त नया मोड़ लिया जब मोहन नाम के एक व्यक्ति ने सामने आकर कहा कि दुर्घटना के समय कार वह चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। लेकिन पुलिस ने जांच के आधार पर इस दावे को खारिज कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि मौके से मिले साक्ष्य और तकनीकी जांच में स्पष्ट हुआ है कि हादसे के समय वाहन शिवम मिश्रा ही चला रहे थे। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिलने पर पांच टीमें गठित की गईं और आरोपी को कानपुर से गिरफ्तार किया गया। उन्हें अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घटनास्थल पर हंगामा
हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। बताया जा रहा है कि लैंबॉर्गिनी के पीछे चल रही गाड़ी से आए सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को हटाने की कोशिश की। कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला गया और निजी अस्पताल पहुंचाया गया। चालक को दौरा पड़ने की बात भी सामने आई है, हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि जांच के बाद ही करेगी। कुछ सुरक्षाकर्मियों पर कार की नंबर प्लेट तोड़ने की कोशिश का भी आरोप है। पुलिस ने लग्जरी कार को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया है।
कारोबारी परिवार से जुड़ा मामला
शिवम मिश्रा शहर के एक बड़े तंबाकू कारोबारी के बेटे बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर भी वीडियो तेजी से वायरल हुए।


