कर्तव्य पथ पर इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह खास रहा, क्योंकि यह “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर को समर्पित था। भव्य गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत कर्तव्य पथ से हुई, जहां देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। परेड की कमान लेफ्टिनेंट जनरल अवनीश कुमार ने संभाली। वे विशेष रूप से सुसज्जित जीप में सवार होकर आगे बढ़े और मार्च कर रही टुकड़ियों का अत्यंत कुशलता से नेतृत्व किया। स्टैंड में उपस्थित गणमान्य अतिथियों, विदेशी प्रतिनिधियों और हजारों दर्शकों ने इस भव्य आयोजन को उत्साहपूर्वक निहारा।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद स्वदेशी तकनीक से विकसित 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई और राष्ट्रगान गूंज उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस से पूर्व दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया।
उधर, 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संविधान को हर नागरिक की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यही हमारी आवाज है और हमारे अधिकारों की रक्षा करने वाला सबसे मजबूत कवच है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय गणराज्य समानता और सद्भाव की नींव पर खड़ा है, और इन्हीं मूल्यों से इसे और मजबूत बनाया जा सकता है।


