एसआईआर प्रक्रिया धीमी, 27 लाख फॉर्म अभी भी जमा नहीं

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य को शुरू हुए 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रगति उम्मीद के अनुसार नहीं है। नौ विधानसभा क्षेत्रों के 36 लाख से अधिक मतदाताओं को अब तक गणना फॉर्म उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। वहीं, लगभग 27 लाख मतदाताओं के फॉर्म अभी तक जमा नहीं हुए हैं। अब एसआईआर की समय सीमा में मात्र नौ दिन बचे हैं और मतदाता 4 दिसंबर तक अपने फॉर्म जमा करा सकते हैं।
मंगलवार को कलक्ट्रेट में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम अरविंद बंगारी ने समीक्षा बैठक की। उन्हें दक्षिण, उत्तर, छावनी और एत्मादपुर जैसे शहरी विधानसभा क्षेत्रों में बेहद धीमी प्रगति देखकर नाराजगी जतानी पड़ी। जिला निर्वाचन कार्यालय ने रात 8 बजे तक करीब 8.50 लाख फॉर्म्स के डिजिटाइज्ड होने का दावा किया है, जबकि 27 लाख से अधिक फॉर्म अभी भी लंबित पड़े हैं।
शहरी क्षेत्रों में फॉर्म भरवाने और डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के लिए पांचों विधानसभा क्षेत्रों में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित कर दिए गए हैं, जहां एसआईआर से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराया जा रहा है।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले बीएलओ की सूची तैयार
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान ने बताया कि 1,000 से अधिक ऐसे बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) चिन्हित किए गए हैं, जो फॉर्म भरवाने और डिजिटाइजेशन में पीछे चल रहे हैं। इन बीएलओ की मदद के लिए दो-दो अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात तक 8.50 लाख फॉर्म भरे जा चुके थे और बुधवार से हेल्प डेस्क के जरिए विशेष अभियान शुरू होगा।
फॉर्म-6 की कमी से नए मतदाता परेशान
जीवनी मंडी के निवासी शब्बीर अब्बास ने शिकायत की है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदान केंद्रों पर फॉर्म-6 उपलब्ध ही नहीं कराए जा रहे। उनका कहना है कि नए मतदाता नाम जुड़वाना चाहते हैं, लेकिन फॉर्म न मिलने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने मांग की है कि सभी बीएलओ को पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 उपलब्ध कराए जाएं।


