सालों बाद फिर खुला एपस्टीन अध्याय, यूरोप के बड़े नेताओं पर गिर रही गाज
कुख्यात यौन अपराधी Jeffrey Epstein का नाम उसकी मौत के वर्षों बाद भी दुनिया की राजनीति और कूटनीति में भूचाल ला रहा है। ताज़ा घटनाक्रम नॉर्वे से सामने आया है, जहाँ अनुभवी राजनयिक Mona Juul को एपस्टीन से कथित संपर्कों के कारण अपने पद से हटना पड़ा है। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जारी दस्तावेज़ों में जब जूल और एपस्टीन के बीच संबंधों का ज़िक्र सामने आया, तो नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने तुरंत आंतरिक जांच शुरू की। विदेश मंत्री Espen Barth Eide ने कहा कि ऐसे व्यक्ति से संपर्क रखना गंभीर “निर्णयात्मक चूक” को दर्शाता है और इससे उन पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है।
मोना जूल का कूटनीतिक कद
जूल नॉर्वे की उन चुनिंदा राजनयिकों में रही हैं जिन्होंने इज़रायल, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र में देश का प्रतिनिधित्व किया। 1990 के दशक में हुए ओस्लो शांति समझौतों की प्रक्रिया में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। फिलहाल, जांच पूरी होने तक उन्हें जॉर्डन और इराक में राजदूत के पद से निलंबित कर दिया गया है।
यूरोप तक फैला असर
यह विवाद सिर्फ नॉर्वे तक सीमित नहीं रहा।
- ब्रिटेन में उथल-पुथल: प्रधानमंत्री Keir Starmer के चीफ ऑफ स्टाफ Morgan McSweeney ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने Peter Mandelson को अमेरिका का राजदूत नियुक्त करने की सिफारिश की थी, जबकि उनके एपस्टीन से पुराने संबंधों की जानकारी पहले से मौजूद थी।
- पति पर भी सवाल: जूल के पति तेर्जे रोड-लार्सन ने भी एपस्टीन से संपर्क के लिए सार्वजनिक माफी मांगी है। सरकार उस थिंक टैंक की फंडिंग की जांच कर रही है, जिसे वे चलाते थे।
- शाही परिवार की प्रतिक्रिया: नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस Mette-Marit ने भी एपस्टीन से मुलाकात को लेकर दोबारा खेद जताया है।


