लाइब्रेरी के पास टहल रहे एएमयू शिक्षक को सिर में मारी गोली, मचा हड़कंप

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के शांत माने जाने वाले लाइब्रेरी क्षेत्र में बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एबीके बॉयज स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक रहे राव दानिश अली (45) की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह हमला विश्वविद्यालय परिसर के भीतर किया गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दानिश अली रोज़ की तरह अपने दो साथियों के साथ लाइब्रेरी की कैंटीन के पास टहल रहे थे। इसी दौरान स्कूटी से आए दो नकाबपोश युवकों ने पीछे से उन्हें आवाज़ दी—“अब तो मुझे पहचानोगे कि मैं कौन हूं”—और कनपटी पर सटाकर गोली चला दी। इसके बाद बदमाशों ने दहशत फैलाने के इरादे से कई राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में तोड़ा दम
गोली लगते ही दानिश अली ज़मीन पर गिर पड़े। उनके साथ मौजूद साथी जान बचाकर भागे और शोर मचाया। मौके पर पहुंचे एएमयू सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पारिवारिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
दानिश अली एएमयू से गहराई से जुड़े हुए थे। उनकी पढ़ाई से लेकर नौकरी तक का सफर विश्वविद्यालय में ही रहा। उनकी मां एएमयू में शिक्षिका और पिता कर्मचारी रह चुके हैं, जबकि उनके भाई वर्तमान में इंजीनियरिंग विभाग में शिक्षक हैं। वे बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र के मूल निवासी थे, लेकिन वर्षों से एएमयू परिसर के पास रह रहे थे। दानिश अली के ससुर डॉ. मोहम्मद उल्लाह चौधरी मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक रह चुके हैं। पारिवारिक स्तर पर किसी भी तरह की रंजिश या विवाद से परिजनों ने इनकार किया है।

पुराना विवाद या पहचान का मामला?
पुलिस का मानना है कि हमलावर दानिश अली को पहले से जानते थे। वारदात से पहले कही गई बातों और बेहद नजदीक से गोली मारे जाने के तरीके को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यह हत्या किसी पुराने विवाद का नतीजा हो सकती है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है।
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी नीरज जादौन, एसपी सिटी समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एएमयू प्रशासन भी हरकत में आ गया है। हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, लेकिन देर रात तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आरोपी किस दिशा में फरार हुए।

उमरा की तैयारी में थे दानिश
परिजनों के मुताबिक, दानिश अली जल्द ही उमरा पर जाने वाले थे। यात्रा की बुकिंग हो चुकी थी और घर में तैयारियां चल रही थीं। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। पत्नी और मां की हालत बेहद खराब बताई जा रही है।
एएमयू की सुरक्षा फिर सवालों में
यह घटना एएमयू परिसर में पिछले दस वर्षों में हुई तीसरी हत्या है। खास बात यह है कि हाल के वर्षों में लाइब्रेरी क्षेत्र के आसपास फायरिंग और झगड़ों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों और सुरक्षा के दावों के बावजूद अपराधियों का परिसर में प्रवेश कर लेना चिंता का विषय बन गया है।


