यूपी–उत्तराखंड कनेक्टिविटी में क्रांति! नया एक्सप्रेसवे करेगा यात्रा को बिजली-सी तेज

उत्तर भारत में रहने वालों के लिए एक ऐसा विकास होने जा रहा है, जो पहाड़ों के सफर को पूरी तरह बदल देगा। अब तक पहाड़ी रास्तों की भीड़, खराब सड़कों और लंबी दूरी के कारण यात्रा थकाने वाली बन जाती थी, लेकिन जल्द ही यह सफर पहले से दोगुना आरामदायक और आधे समय में पूरा किया जा सकेगा।
1.20 लाख करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सीधे जोड़ते हुए देश के सबसे आधुनिक हाईवे में शामिल होगा।
रणनीतिक रास्ते से जुड़ेगा यूपी और उत्तराखंड
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों—सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत—से होते हुए उत्तराखंड में ऊधम सिंह नगर, काशीपुर और खटीमा तक पहुंचेगा। इस मार्ग का चयन सोच-समझकर किया गया है ताकि औद्योगिक इलाकों, खेती-किसानी वाले क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों को सबसे तेज़ और सुगम रास्ता मिल सके।
सफर आधा—स्पीड दोगुनी
एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 240–260 किलोमीटर होगी और इसे 120 km/h से भी अधिक की स्पीड के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।
इसके चालू होने के बाद—
- यूपी से उत्तराखंड की यात्रा का समय 50% तक कम हो जाएगा
- जो रास्ता आज 5–6 घंटे लेता है, वह लगभग 2.5–3 घंटे में पूरा हो सकेगा
- पहाड़ी मार्गों की भीड़, मौसम संबंधी दिक्कतें और ट्रैफिक जाम का असर काफी कम हो जाएगा
हाई-टेक सुविधाओं से लैस होगा यह एक्सप्रेसवे
इस मेगा प्रोजेक्ट में सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा। इसमें शामिल होंगे—
- स्मार्ट टोलिंग
- 24×7 सीसीटीवी निगरानी
- अलग इमरजेंसी एंबुलेंस लेन
- ईवी चार्जिंग स्टेशन
- हाई-सुरक्षा बैरियर
- इंटरनेशनल स्टैंडर्ड वाला ड्रेनेज सिस्टम
- पूरी तरह ग्रीनफील्ड तकनीक से तैयार नया मार्ग
व्यापार और पर्यटन में आएगी नई जान
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा—
- काशीपुर–रुद्रपुर–रुद्रकीयाई जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी कई गुना बेहतर होगी
- यूपी के सहारनपुर और बिजनौर में नए उद्योग और बिजनेस अवसर बढ़ेंगे
- उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी, जिससे होटल, ट्रैवल और स्थानीय रोजगार में तेजी आएगी


