करीब दो वर्षों की शांति के बाद शुक्रवार को उत्तरी इजरायल में एक बार फिर आतंकी हिंसा ने दस्तक दी। एक फिलिस्तीनी हमलावर ने पहले कार से लोगों को कुचलने की कोशिश की और फिर चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में दो इजरायली नागरिकों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना की शुरुआत उत्तरी शहर बेत शेआन से हुई, जहां हमलावर ने अपनी गाड़ी भीड़ पर चढ़ा दी। इसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद हमलावर हाईवे के रास्ते भागा और अफुला शहर के प्रवेश द्वार के पास एक महिला पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वहीं एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ। इजरायली सुरक्षा बलों ने अफुला इलाके में हमलावर को गोली मारकर निष्क्रिय किया। उसे अस्पताल ले जाया गया, हालांकि उसकी हालत को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई।
सरकार और सेना की सख्त प्रतिक्रिया
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मृतकों की पहचान 68 वर्षीय शिमशोन मोर्देचाई और किशोर अवीव माओर के रूप में की। दोनों को पैरामेडिक्स ने घटनास्थल पर मृत घोषित कर दिया। राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने इस घटना को “बेहद भयावह हत्या अभियान” बताते हुए गहरा दुख जताया और कहा कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। हमले के तुरंत बाद इजरायली सेना ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में स्थित कबातिया शहर में अभियान शुरू कर दिया। रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ के अनुसार, हमलावर इसी इलाके का रहने वाला था। सेना ने उसके घर पर तलाशी अभियान चलाया और ढांचे को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
“आतंकियों को चुकानी होगी पूरी कीमत”
कबातिया के मेयर अहमद ज़कारनेह ने बताया कि सेना ने इलाके की कई सड़कों को बंद कर दिया और कई घरों में तलाशी ली गई। सैन्य कार्रवाई की आशंका के चलते स्थानीय लोगों ने पहले ही जरूरी खाद्य सामग्री जमा कर ली थी। इजरायली सेना ने दो टूक कहा है कि जो भी आतंकवाद को बढ़ावा देगा या उसका समर्थन करेगा, उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
पृष्ठभूमि में जारी तनाव
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजरायल में हमास के हमले में लगभग 1,200 लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजरायल की जवाबी कार्रवाई में गाजा में अब तक 65 हजार से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है।


